जयपुर

बेरोजगारों को बड़ी सौगात: राजस्थान में लागू होगा RTD मॉडल, चयन प्रशिक्षण के बाद सीधे मिलेगी नौकरी

Rajasthan Skill Policy : रोजगार युवाओं के लिए रोजगार और हुनर के नए रास्ते खुलने जा रहे हैं। राजस्थान कौशल नीति 2025 के तहत 'भर्ती-प्रशिक्षण-तैनाती' (रिकूट-ट्रेन-डेप्लॉय आरटीडी) मॉडल को लागू करने का निर्णय लिया है।

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Jun 23, 2026
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सीएम भजनलाल शर्मा। फोटो: सोशल

जयपुर। रोजगार युवाओं के लिए रोजगार और हुनर के नए रास्ते खुलने जा रहे हैं। राजस्थान कौशल नीति 2025 के तहत 'भर्ती-प्रशिक्षण-तैनाती' (रिकूट-ट्रेन-डेप्लॉय आरटीडी) मॉडल को लागू करने का निर्णय लिया है। कौशल व उद्यमिता विभाग की ओर से सोमवार को आयोजित बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स की 50वीं बैठक में अंतिम प्रशासनिक मंजूरी दे दी गई है। इस नए मॉडल का सीधा उद्देश्य युवाओं को उद्योगों की वास्तविक आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार कर सीधे तौर पर नौकरी से जोड़ना है, जिससे विभिन्न औद्योगिक क्षेत्रों में कौशल की कमी को दूर किया जा सके।

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि सरकार राजस्थान के युवाओं को रोजगार व कौशल विकास के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। वर्तमान बदलती अर्थव्यवस्था और नई प्रौद्योगिकियों के दौर में युवाओं को आधुनिक तकनीकों से लैस करना समय की सबसे बड़ी मांग है।

नियमित छात्र नहीं होंगे पात्र

इस कार्यक्रम को पूरी तरह बेरोजगार युवाओं पर केंद्रित रखा गया है। योजना के तहत लाभ लेने के लिए आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष निर्धारित की गई है। स्कूलों शैक्षणिक योग्यता चयनित जॉब रोल् के लिए राष्ट्रीय कौशल योग्यता फ्रेमवर्क (एनएसक्यूएफ) के तय मानकों के अनुसार होगी। या कॉलेजों में नियमित रूप से पढ़ाई कर रहे छात्र इस कौशल कार्यक्रम के पात्र नहीं होंगे। पाठ्यक्रम के दौरान युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए 120 घंटे का एक विशेष अनिवार्य मॉड्यूल शामिल किया गया है।

बढ़ेंगे रोजगार के अवसर

सरकार युवाओं को कौशल विकास और रोजगार के माध्यम से आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। आरटीडी मॉडल से उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। - संदीप वर्मा, एसीएस, कौशल विकास एवं उद्यमिता विभाग।

'थर्ड पार्टी' मूल्यांकन और सीधा प्लेसमेंट

इस कार्यक्रम को जमीनी स्तर पर उतारने के लिए चार प्रमुख मॉडल तय किए गए हैं, जिनमें उद्योग-नेतृत्व मॉडल, मानव संसाधन/प्लेसमेंट एजेंसी-नेतृत्व मॉडल, परियोजना कार्यान्वयन एजेंसी-नेतृत्व मॉडल और विशेष परियोजनाएं शामिल हैं।
इन प्रशिक्षण सहयोगियों का चयन 'रुचि की अभिव्यक्ति' (ईओआई) प्रक्रिया के जरिए पारदर्शी तरीके से किया जाएगा, जिसमें संस्थाओं की कानूनी स्थिति, वित्तीय व परिचालन क्षमता और उनके पिछले प्लेसमेंट रिकॉर्ड को मुख्य आधार बनाया जाएगा।

योजना के तहत युवाओं को कार्यस्थल पर व्यावहारिक प्रशिक्षण (ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग) भी दिया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद निष्पक्षता करने के लिए किसी तीसरे पक्ष (थर्ड पार्टी) की ओर से अभ्यर्थियों का मूल्यांकन किया जाएगा और इसके तुरंत बाद चयनित एजेंसी के माध्यम से युवाओं के लिए शत-प्रतिशत प्लेसमेंट यानी रोजगार तय किया जाएगा।