जयपुर

राजस्थान के सबसे ऊंचे IPD टॉवर पर आई सबसे बड़ी अपडेट, जानें 25 मंज़िला इमारत का अब क्या होगा?

Rajasthan Tallest Building News : राजस्थान में बन रहे सबसे ऊंचे टावर को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार के इस ड्रीम प्रोजेक्ट पर भजनलाल सरकार के आते ही बदलाव होने लगे हैं।

less than 1 minute read
Feb 01, 2024

एसएमएस अस्पताल में बन रहे आइपीडी टावर का निर्माण जितना हो चुका है, अब उसे वहीं रोका जाएगा। प्रोजेक्ट में ऊपरी मंजिलों का निर्माण नहीं किया जाएगा। यहां अभी तक 17 मंजिल की छत डाली जा चुकी है, जबकि प्रोजेक्ट के तहत 25 मंजिला टावर बनाना था। मुख्य सचिव सुधांश पंत की अध्यक्षता में सचिवालय में हुई बैठक में इस पर सैद्धांतिक सहमति बनी।

भाजपा सरकार बनने के बाद यह बड़ा फैसला है। इसके पीछे मौके पर पार्किंग की जगह कम मिलना, आसपास सड़क की चौड़ाई कम होना मुख्य वजह है। साथ ही परकोटे का हैरिटेज प्रभावित हो रहा है, खासकर अल्बर्ट हॉल की खूबसूरती प्रभावित हो रही है।

- एक ही छत के नीचे कई सुविधाएं होंगी। मरीजों के लिए 1243 बेड होंगे

- 20 ऑपरेशन थिएटर, 4 कैथ लैब, 100 रजिस्ट्रेशन काउंटर

- आपात स्थिति के लिए टावर के छत पर हेलीपैड, एयर एम्बुलेंस

- विश्वस्तरीय मोर्चरी की सुविधा

- 100 डीलक्स कमरे, 80 प्रीमियम कमरे (चार सुइट सहित)

- 200 आइसीयू, न्यूक्लिर मेडिसिन सहित अन्य सुविधाएं

- मेडिकल साइंस म्यूजियम, फूड प्लाजा, डायग्नॉस्टिक सुविधा और सेमिनार रूम


क्या अब राजस्थान के स्कूलों में लगेगा 'हिजाब' पर परमानेंट बैन? आई सबसे बड़ी और लेटेस्ट अपडेट

वहीं, पिछली कांग्रेस सरकार में जो प्रोजेक्ट्स शुरू किए गए थे, उनका आवश्यकता के हिसाब से रिव्यू किया जाएगा। इन प्रोजेक्ट्स में यूटिलिटी वर्क्स पूरे किए जाएंगे। सौंदर्यन से जुड़े बेवजह के कार्य नहीं किए जाएंगे। राजधानी के बी2 बाइपास प्रोजेक्ट में भी यही होगा इसके दोनों तरफ बनने वाले मॉन्यूमेंटल गेट नहीं बनेंगे। बैठक में नगरीय विकास विभाग, आवासन मंडल, जेडीए, जयपुर मेट्रो के अधिकारी शामिल हुए।

तो जेडीए निदेशक अशोक चौधरी हटेंगे!

मुख्य सचिव पंत ने बैठक में अभियांत्रिकी निदेशक अशोक चौधरी को कहा- आप यूडीएच सेवा के हैं, इसलिए अब आप यूडीएच संभालिए। पंत के निर्देश के बाद जल्द ही औपचारिक आदेश जारी होंगे। पिछली कांग्रेस सरकार में जेडीए का कैडर स्ट्रेंथ रिव्यू हुआ था। यहां निदेशक अभियांत्रिकी के दो ही पद स्वीकृत हैं और दोनों ही जेडीए सेवा के हैं।

ये भी पढ़ें : फिर शुरू हुआ 'डोटासरा V/S राठौड़' का मुकाबला, जानें क्यों गरमा रहा सियासी पारा?

लोकसभा चुनाव से पहले हो गए उद्घाटन-शिलान्यास

[typography_font:14pt]विकास प्राधिकरणों और यूआइटी में लोकार्पण कराए जाने वाले प्रोजेक्ट्स पहले पूरे किए जाएंगे। शिलान्यास कराए जाने वाले कार्यों को भी चिन्हित किया जाएगा ताकि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले लोकार्पण और शिलान्यास कराया जा सके।

जनता की शिकायत को हल्के में न लें
[typography_font:14pt;" >सीएस ने प्रदेश में जितने भी डवलपमेंट काम देरी से चल रहे हैं, उनकी डेडलाइन मांगी है। इसी आधार पर अफसरों को तय डेडलाइन के अनुसार काम पूरा करना होगा। सीएस ने साफ कर दिया कि जनता की शिकायत को हल्के में लेना किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं होगा। शिकायत पर जांच करें और यदि वह सही है तो एक्शन भी नजर आना चाहिए। ऐसा सिस्टम डवलप करें जिससे लोगों को कम से कम कार्यालय के चक्कर काटने पड़े।

Published on:
01 Feb 2024 12:32 pm
Also Read
View All