
जयपुर। विदेश से MBBS करने के बाद अनिवार्य विदेशी चिकित्सा स्नातक स्क्रीनिंग परीक्षा (एफएमजीई) उत्तीर्ण नहीं कर पाने वाले अभ्यर्थियों के फर्जी प्रमाणपत्र बनवाकर मेडिकल इंटर्नशिप करने और पंजीकरण कराने के मामले में एसओजी ने चार और डॉक्टर को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने कथित तौर पर 27 से 30 लाख रुपए तक देकर एफएमजीई परीक्षा के कूटरचित प्रमाणपत्र बनवाए। इन प्रमाणपत्रों के आधार पर राजस्थान के विभिन्न मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप की और राजस्थान मेडिकल काउंसिल (आरएमसी) में पंजीकरण के लिए आवेदन किया।
एसओजी के अतिरिक्त महानिदेशक विशाल बंसल ने बताया कि इस मामले में 4 फरवरी 2026 को एसओजी थाने में धोखाधड़ी, कूटरचना, फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में प्रकरण दर्ज किया गया था। जांच में सामने आया कि विदेश से मेडिकल डिग्री लेने वाले कुछ अभ्यर्थियों ने राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीई) की एफएमजीई स्क्रीनिंग परीक्षा पास किए बिना ही फर्जी प्रमाणपत्रों के जरिए इंटर्नशिप और पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करने का प्रयास किया।
एसओजी ने भारत भूषण शर्मा (26), सौरव शर्मा (29), हिमांशु शर्मा (26) और शिवम चौधरी (28) को गिरफ्तार किया है। भारत भूषण ने किर्गिस्तान से, सौरव और हिमांशु ने रूस से तथा शिवम ने कजाकिस्तान से एमबीबीएस किया था। आरोपी भारत भूषण ने 30 लाख रुपए देकर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाया और दौसा के राजकीय मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप की। सौरव शर्मा ने 27 लाख रुपए देकर प्रमाणपत्र बनवाया और धौलपुर मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप की। हिमांशु शर्मा ने भी 27 लाख रुपए देकर प्रमाणपत्र बनवाया और जयपुर के महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप की। शिवम चौधरी ने 30 लाख रुपए देकर कथित तौर पर फर्जी प्रमाणपत्र हासिल किया और अलवर मेडिकल कॉलेज में इंटर्नशिप की। चारों ने आरएमसी में पंजीकरण के लिए आवेदन किया। हिमांशु और सौरव रिश्तेदार हैं।
अब तक विदेश से एमबीबीएस करने वाले 100 से अधिक लोगों को चिह्नित किया जा चुका है। एसओजी इस प्रकरण में आरएमसी के तत्कालीन रजिस्ट्रार डॉ. राजेश शर्मा, यूडीसी अखिलेश माथुर, एलडीसी फरहान हसन, मुख्य आरोपी मानाराम माली, दलाल और विदेश से मेडिकल डिग्री लेने वाले 28 डॉक्टरों सहित कुल 33 लोगों को पहले गिरफ्तार कर चुकी है। एसओजी के अनुसार, मानाराम माली और उसके सहयोगियों शुभम गुर्जर, इन्द्रराज गुर्जर सहित अन्य लोगों पर फर्जी प्रमाणपत्र बनवाने और आरएमसी में पंजीकरण कराने के लिए प्रति व्यक्ति 20 से 30 लाख रुपए लेने का आरोप है। भारत भूषण के मामले में शुभम गुर्जर पहले ही गिरफ्तार हो चुका है।