Rajasthan State Highway पर जल्द बदलेगा 'वसूली' का सिस्टम, गहलोत सरकार कर रही ये काम
जयपुर।
नेशनल हाइवे की तर्ज पर अब जल्द ही राजस्थान के स्टेट हाइवे पर फास्ट टैग के ज़रिए टोल वसूली हो सकेगी। गहलोत सरकार के सार्वजनिक निर्माण विभाग ने इस दिशा में कवायद तेज़ कर दी है। गौरतलब है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की सड़कों को फास्ट टैग सुविधायुक्त करने के लिए बजट 2023-24 में घोषणा की थी। इसी बजट घोषणा को पूरा कर चुनाव से पहले तक इसे शुरू करने पर पूरा फोकस किया जा रहा है।
राज्य की सड़कों पर फास्ट टैग टोल कलेक्शन की सुविधा देने के उद्देश्य से शुक्रवार को जयपुर स्थित शासन सचिवालय में प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया की अध्यक्षता में महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें सार्वजनिक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त मुख्य सचिव संजीव माथुर, मुख्य अभियंता (एन.एच) डीआर मेघवाल, आरएसआरडीसी, रीडकोर के अधिकारी और संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने बैठक की जानकारी देते हुए बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की सड़कों को फास्टैग सुविधायुक्त करने के लिए बजट 2023-24 में घोषणा की थी। इसी बजट घोषणा पर काम तेज़ गति से आगे बढ़ाया जा रहा है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि स्टेट हाईवेज पर फास्ट टैग टोल कलेक्शन की सुविधा देने के लिए समय पर कार्य पूरा किया जाए।
टुकड़ों में नहीं, एकसाथ हो काम
गालरिया ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि स्टेट हाईवेज पर फास्टैग का कार्य टुकड़ों में न करके एक साथ किया जाए जिससे प्रदेशवासियों को शीघ्र ही इसका लाभ मिल पाए। उन्होंने निर्देशित किया कि पीडब्ल्यूडी, आरएसआरडीसी और रिडकोर आपसी सामंजस्य से समयबद्ध कार्य पूर्ण करना सुनिश्चित करें। साथ ही अधिकारियों को ये भी निर्देश दिए कि फास्ट टैग के इस कार्य के लिए संबंधित अधिकारी समय समय पर फॉलोअप लें जिससे कार्य शीघ्र ही पूरा हो।
मार्च 2023 को हुआ था एमओयू
सार्वजनिक निर्माण विभाग राजस्थान और इंडियन हाईवेज मैनेजमेंट कंपनी लिमिटेड के बीच राज्य के हाईवेज को फास्ट टैग के अंतर्गत करने के लिए 16 मार्च 2023 को एक एमओयू साइन हुआ था। इस प्रोजेक्ट का मकसद प्रदेशवासियों को टोल प्लाज़ा पर इलेक्ट्रॉनिक टोल कलेक्शन तकनीक की सुविधा देना है।