जयपुर

राजस्थान के BS-VI को छोड़ सभी वाहनों की ‘दिल्ली एंट्री’ 1 नवंबर से बैन, जानिए कौन सी गाड़ियां जा सकेंगी और किसे नहीं मिलेगी छूट

Rajasthan to Delhi Travel Advisory: राजस्थान से दिल्ली जाने वाले वाहन चालकों के लिए जरूरी खबर। 1 नवंबर 2026 से नॉन-BS6 गाड़ियों पर दिल्ली में एंट्री बैन, जानें नो PUC नो फ्यूल का नियम।
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Updated: 27 Oct 2026, 4:04 PM IST
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Jaipur-Delhi Highway- File PIC

राजस्थान से रोजाना राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली जाने वाले लाखों वाहन चालकों, व्यापारियों और आम यात्रियों के लिए एक काम की खबर है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता खराब होने की आशंका और वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने के उद्देश्य से दिल्ली सरकार ने सख्त कदम उठाने का फैसला लिया है। 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 तक दिल्ली के बाहर के राज्यों से आने वाले ऐसे वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगाई जा रही है, जो भारत स्टेज-6 (BS-VI) मानकों को पूरा नहीं करते हैं। इसके अलावा दिल्ली में बिना मान्य प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUCC) के गाड़ियों को पेट्रोल पंपों पर ईंधन भी नहीं दिया जाएगा।

इसका मतलब ये है कि जयपुर, अलवर, भरतपुर, कोटपूतली-बहरोड़, नीमराणा, झुंझुनूं और सीकर सहित राजस्थान के विभिन्न जिलों से सड़क मार्ग द्वारा निजी कारों, टैक्सियों या व्यावसायिक वाहनों से दिल्ली जाने वाले लोगों को अब अपनी यात्रा शुरू करने से पहले अपनी गाड़ी के एमिशन मॉडल (BS Standard) और पीयूसी की वैधता की जांच करना अनिवार्य हो गया है। बॉर्डर पर ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (ANPR) कैमरों और पुलिस-परिवहन विभाग की टीमों के जरिए 24 घंटे कड़ी निगरानी रखी जाएगी।

कौन-सी गाड़ियों की दिल्ली में होगी नो-एंट्री?

दिल्ली सरकार द्वारा 1 नवंबर 2026 से लागू किए जा रहे विंटर एक्शन प्लान के तहत राजस्थान या दिल्ली के बाहर किसी भी अन्य राज्य में पंजीकृत वाहनों को दिल्ली की सीमा में प्रवेश करने की अनुमति नहीं होगी:

नॉन-BS-VI पेट्रोल कारें: 1 अप्रैल 2020 से पहले निर्मित पेट्रोल वाहन जो BS-3 या BS-4 मानकों के हैं।

नॉन-BS-VI डीजल कारें: 1 अप्रैल 2020 से पहले की बनी डीजल गाड़ियां जो BS-3 या BS-4 एमिशन मानक की हैं।

BS-IV कमर्शियल गुड्स व्हीकल: राजस्थान से दिल्ली में माल सप्लाई करने वाले ऐसे भारी और हल्के व्यावसायिक ट्रक या पिकअप जो केवल BS-4 मानकों पर आधारित हैं।

10 और 15 साल पुरानी गाड़ियां: 10 साल से पुरानी डीजल और 15 साल से पुरानी पेट्रोल गाड़ियां दिल्ली-एनसीआर में पहले से ही पूरी तरह प्रतिबंधित हैं, चाहे उनका BS मॉडल कुछ भी हो।

राजस्थान के कौन से वाहन आसानी से कर सकेंगे दिल्ली में प्रवेश?

राजस्थान से दिल्ली जाने वाले यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं है, यदि उनकी गाड़ी निर्धारित ग्रीन और क्लीन मानक श्रेणी में आती है। दिल्ली में बिना किसी रुकावट प्रवेश की अनुमति के लिए:

BS-VI (BS6) अनुपालन वाली गाड़ियां: 1 अप्रैल 2020 के बाद खरीदी गई या रजिस्टर्ड सभी पेट्रोल और डीजल गाड़ियां जो भारत स्टेज-VI मानकों को पूरा करती हैं, वे दिल्ली में प्रवेश कर सकती हैं (शर्त यह है कि उनके पास वैलिड PUCC होना चाहिए)।

सीएनजी (CNG) वाहन: राजस्थान में पंजीकृत सभी सीएनजी चालित कारें, बसें और छोटे मालवाहक वाहन।

इलेक्ट्रिक वाहन (EVs): सभी प्रकार के इलेक्ट्रिक दोपहिया, चार पहिया और कमर्शियल वाहन।

एलपीजी और एलएनजी वाहन: एलपीजी या एलएनजी पर चलने वाले व्यावसायिक एवं निजी वाहन।

आपातकालीन और आवश्यक सेवा वाहन: एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, मेडिकल सप्लाई और आपातकालीन सरकारी ड्यूटी में लगे वाहन, भले ही वे किसी भी एमिशन श्रेणी के हों।

'नो PUCC, नो फ्यूल' नियम लागू: बिना सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा पेट्रोल-डीजल

राजस्थान के चालकों के लिए दूसरी सबसे बड़ी अपडेट यह है कि यदि आपकी गाड़ी BS-VI मॉडल की है और दिल्ली में प्रवेश कर भी जाती है, तब भी आपको दिल्ली के पेट्रोल पंपों पर ईंधन (पेट्रोल, डीजल या सीएनजी) तभी दिया जाएगा जब आपकी गाड़ी का पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल सर्टिफिकेट (PUCC) ऑनलाइन मान्य होगा।

दिल्ली-एनसीआर के सभी पेट्रोल पंपों पर ANPR कैमरे और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से गाड़ियों के नंबर की चेकिंग की जाएगी। यदि किसी राजस्थान नंबर की गाड़ी का पीयूसी एक्सपायर (Expire) पाया जाता है, तो पेट्रोल पंप संचालक उन्हें पेट्रोल या डीजल देने से इनकार कर देंगे। साथ ही परिवहन विभाग की टीमें 10,000 रुपये तक का भारी चालान भी काट सकती हैं।

राजस्थान के दिल्ली यात्रियों के लिए जरूरी चेकलिस्ट

यदि आप 1 नवंबर 2026 से 31 जनवरी 2027 के बीच जयपुर-दिल्ली हाईवे (NH-48) या अलवर-दिल्ली रोड के रास्ते अपनी गाड़ी से दिल्ली की यात्रा का प्लान बना रहे हैं, तो इन बातों को पहले से सुनिश्चित कर लें:

आरसी (RC) से जांचें BS मॉडल: अपनी गाड़ी की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट (RC) बुक में 'Vehicle Class / Emission Norms' वाले कॉलम को चेक करें। वहां BS-VI लिखा होना अनिवार्य है।

PUC की वैलिडिटी नवीनीकृत कराएं: अपनी यात्रा शुरू करने से पहले राजस्थान के किसी भी मान्यता प्राप्त पीयूसी सेंटर से नया और अपडेटेड पॉल्यूशन सर्टिफिकेट बनवा लें।

सार्वजनिक परिवहन का करें इस्तेमाल: यदि आपकी कार BS-III या BS-IV (पेट्रोल/डीजल) है, तो निजी कार ले जाने के बजाय राजस्थान रोडवेज (RSRTC) की नई BS-VI/CNG/इलेक्ट्रिक बसों, वंदे भारत एक्सप्रेस या ट्रेनों का उपयोग करें।

बॉर्डर चेकिंग से बचें: गुरुग्राम-दिल्ली (सरहौल बॉर्डर), फरीदाबाद बॉर्डर या कापासेड़ा बॉर्डर पर कड़ी नाकाबंदी रहेगी। प्रतिबंधित गाड़ियां ले जाने पर उन्हें बॉर्डर से ही वापस राजस्थान लौटा दिया जाएगा।

दिल्ली-एनसीआर (Delhi-NCR) में 1 नवंबर 2026 से लागू होने वाले नियमों के तहत दोपहिया वाहनों (Two-Wheelers जैसे बाइक और स्कूटर) के दिल्ली में प्रवेश (Entry) पर कोई BS-stage प्रतिबंध नहीं है। हालांकि, राजस्थान या बाहरी राज्यों से दिल्ली जाने वाले दोपहिया वाहनों के लिए कुछ बेहद जरूरी शर्तें (Conditions) हैं, जिन्हें नजरअंदाज करने पर भारी जुर्माना लग सकता है

    Updated on:
    27 Oct 2026, 4:04 PM IST
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