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पति के होते हुए दोस्त के लिए रखा करवा चौथ का व्रत, उसी के नाम की लगाई मेहंदी; जयपुर कोर्ट ने 13 साल पुरानी शादी की खत्म

जयपुर फैमिली कोर्ट-2 ने दूसरे पुरुष के साथ रिश्ते और पति को लंबे समय तक दांपत्य सुख से दूर रखने के मामले में पति की तलाक अर्जी मंजूर कर ली। कोर्ट ने इसे मानसिक क्रूरता माना और 13 साल पुरानी शादी खत्म कर दी।
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जयपुर

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Harshita Saini

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Updated: 27 Oct 2026, 12:09 PM IST

Jaipur Family Court Divorce Case

Ai Generated Image

जयपुर में तलाक का एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें पत्नी के दूसरे पुरुष के साथ रिश्ते और उसके लिए किए गए कुछ कामों को अदालत ने वैवाहिक रिश्ते की मर्यादा से परे माना। मामला फैमिली कोर्ट-2 का है, जहां पति की याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने सख्ती दिखाते हुए 13 साल पुरानी शादी खत्म करने का फैसला सुनाया। इसके अलावा मामले में लंबे समय से पति को शारीरिक संबंध नहीं रखने देने की भी बात सामने आई है।

पराए पुरुष के लिए रखा करवा चौथ

मामले में यह बात सामने आई कि महिला ने पति के होने के बावजूद किसी और पराए पुरुष के लिए करनवा चौथ रखा और उसके नाम की मेंहदी भी लगाई। साथ ही महिला ने गोवा में पराए पुरुष के साथ फेरे भी लिए थे। वह उसके साथ इस तरह रह रही थी, जैसे दोनों पति-पत्नी हों।कोर्ट ने माना कि शादीशुदा होने के बावजूद किसी दूसरे पुरुष के लिए इस तरह के रीति-रिवाज निभाना सामान्य दोस्ती से आगे की बात है। अदालत ने इन घटनाओं को पति-पत्नी के रिश्ते में भरोसे और वैवाहिक जिम्मेदारियों के संदर्भ में अहम माना।

पति-पत्नी के बीच लंबे समय से दूरी

अदालत ने मामले में यह भी पाया कि पत्नी ने पति को लंबे समय तक दांपत्य जीवन का सुख नहीं दिया। कोर्ट के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच लगातार दूरी बनाए रखना और वैवाहिक रिश्ते की जिम्मेदारियां नहीं निभाना मानसिक परेशानी का कारण बन सकता है। मामले में सामने आए दूसरे घटनाक्रम के साथ अदालत ने इसे पति के प्रति मानसिक क्रूरता माना।

बेटे की देखभाल और परिवार के साथ व्यवहार पर भी उठे सवाल

मामले में पति-पत्नी के संबंध के साथ परिवार से जुड़े दूसरे पहलुओं पर भी गौर किया गया। अदालत के अनुसार, पत्नी ने नाबालिग बेटे की ठीक से देखभाल नहीं की। साथ ही, पति के माता-पिता के साथ भी उसका व्यवहार अनुचित और अपमानजनक रहा। कोर्ट ने माना कि इन सभी घटनाओं के कारण पति के लिए वैवाहिक जीवन में भरोसा बनाए रखना और मानसिक शांति के साथ रिश्ता निभाना मुश्किल हो गया था।

मई 2013 में हुई थी शादी

पति-पत्नी की शादी मई 2013 में हुई थी। पति ने इन परिस्थितियों के आधार पर फैमिली कोर्ट में तलाक की अर्जी लगाई थी। मामले की सुनवाई और सामने आए तथ्यों पर विचार करने के बाद अदालत ने पति की याचिका स्वीकार कर ली। इसके साथ ही करीब 13 साल पुराना वैवाहिक रिश्ता खत्म हो गया।

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