Rajasthan University
जया गुप्ता / जयपुर. राजस्थान विश्वविद्यालय ( rajasthan university ) से सम्बद्धता प्राप्त गांधी सर्किल स्थित राजकीय महाविद्यालय में पढ़ रहे कुल 91 मूक-बधिर छात्रों में से 88 छात्र फेल हो गए हैैं। ये सभी बीए द्वितीय वर्ष के विद्यार्थी हैं। पूरी कक्षा में महज तीन छात्र पास हो पाए हैं। एक साथ इतनी बड़ी संख्या में छात्रों के फेल होने से अभिभावक और शिक्षक हैरान और परेशान हैं।
छात्रों ने इशारे में अपनी बात समझाते हुए बताया कि सभी को राजनीति विज्ञान व ड्रॉइंग विषय में फेल किया गया है। संभवत: विवि प्रशासन ने उनकी उत्तर पुस्तिकाएं सामान्य शिक्षकों से जंचवा दी हैं। इस कारण सभी को एक साथ ही फेल कर दिया गया। विवि की लापरवाही से उनका एक साल खराब हो जाएगा।
विशेष शिक्षक ही पढ़ाएं, उत्तरपुस्तिकाएं जांचें
शहर में केवल एक-दो कॉलेजों में मूक-बधिर छात्र-छात्राएं हैं। इनके लिए अलग कक्षाएं लगती हैं, अलग पेपर बनाए जाते हैं। पेपर में सामान्य विद्यार्थियों की तुलना में एक घंटा अतिरिक्त समय दिया जाता है। नियम यह है कि मूक-बधिर विद्यार्थियों को विशेष शिक्षक पढ़ाएं और विशेष शिक्षक ही उनकी उत्तर पुस्तिकाएं जांचें।
बी—फार्मेसी कोर्स इस साल से कोटा विवि में भी
कोटा विश्वविद्यालय में इस साल से बी—फार्मेसी पाठ्यक्रम शुरू किया है। इसके साथ ही यह विवि कम फीस में इस पाठ्यक्रम की पढ़ाई कराने वाला पदेश का पहला विवि बन गया है। कोटा विवि कुलपति नीलिमा सिंह ने गुरुवार को यहां राजभवन में राज्यपाल व कुलाधिपति कल्याण सिंह को यह जानकारी दी। राज्यपाल सिंह को कुलपति ने यह भी बताया कि विवि बी-फार्मेसी के लिए 35 हजार रुपए फीस लेगा, जो प्रदेश के अन्य विवि व कॉलेज से काफी कम है।