
Rajasthan Student Protest: राजस्थान यूनिवर्सिटी में पिछले कुछ दिनों से छात्रसंघ चुनाव बहाल करने के लिए चल रहे आंदोलन में गुरुवार को नया मोड़ देखने को मिला। छात्र नेता शुभम रेवाड़ अपनी दो मांगों को लेकर पिछले 8 दिनों से भूखहड़ताल पर बैठ थे, गुरुवार को पुलिस और प्रशासन उन्हें अनशन स्थल से जबरदस्ती उठा ले गए और उन्हें सवाई मानसिंह (एसएमएस) अस्पताल में भर्ती करवा दिया गया। इस कार्रवाई के दौरान यूनिवर्सिटी परिसर में कुछ देर के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा। मौके पर मौजूद छात्र समर्थकों ने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं प्रशासन का कहना है कि शुभम की बिगड़ती तबीयत को देखते हुए एहतियात के तौर पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जानकारी के अनुसार पुलिस और प्रशासन अधिकारियों ने अनशन स्थल पर जाकर शुभम रेवाड़ से अस्पताल चलने की अपील की। लेकिन इस बात का शुभम और वहां मौजूद छात्रों ने विरोध किया और कार्रवाई को आंदोलन खत्म करने की कोशिश बताया। विरोध के बीच पुलिस ने शुभम को एंबुलेंस से एसएमएस अस्पताल पहुंचाया, जहां फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। पुलिस की कार्रवाई के बाद छात्र समर्थकों ने साफ कहा कि इससे आंदोलन रुकने वाला नहीं है। उनका कहना है कि सरकार छात्रों की मांगों पर बातचीत करने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
अस्पताल पहुंचने के बाद भी शुभम रेवाड़ अपने रुख पर कायम हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगों का समाधान निकालने की जगह पुलिस का सहारा लेकर आंदोलन को कमजोर करना चाहती है। शुभम ने साफ कहा कि अस्पताल में भर्ती होने का मतलब यह नहीं है कि उनका अनशन खत्म हो गया। उन्होंने ऐलान किया कि सरकार की ओर से लिखित आदेश जारी होने तक वे अस्पताल में भी अन्न ग्रहण नहीं करेंगे।
शुभम रेवाड़ पिछले आठ दिनों से दो प्रमुख मांगों को लेकर अनशन पर बैठे थे। पहली मांग राजस्थान यूनिवर्सिटी में अलग से राजस्थानी भाषा विभाग शुरू करने और छात्रों को कम शुल्क पर पढ़ाई की सुविधा देने की है। दूसरी मांग प्रदेश के सभी सरकारी और निजी कॉलेजों तथा विश्वविद्यालयों में पिछले चार साल से बंद छात्रसंघ चुनावों को दोबारा शुरू करने की है।