Severe cold Attack: जयपुर। प्रदेश में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में हुई मावठ से हाड़कंपाने वाली ठंड का दौर जारी है। हालांकि बारिश का दौर धीमा पड़ गया लेकिन उत्तरी दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं ने धूजणी छुड़ा दी है। कड़ाके की सर्दी के साथ कई इलाकों में पारा लुढ़क कर जमाव बिंदू से नीचे दर्ज किया गया।
Severe cold Attack: जयपुर। प्रदेश में एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में हुई मावठ से हाड़कंपाने वाली ठंड का दौर जारी है। हालांकि बारिश का दौर धीमा पड़ गया लेकिन उत्तरी दिशा से आ रही बर्फीली हवाओं ने धूजणी छुड़ा दी है। कड़ाके की सर्दी के साथ कई इलाकों में पारा लुढ़क कर जमाव बिंदू से नीचे दर्ज किया गया। माउंटआबू में बीती रात पारा माइनस 5.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ जो इस सीजन का सबसे कम तापमान रहा है।
मौसम विज्ञानियों की मानें तो अगले एक दो दिन प्रदेश के अधिकांश जिलों में मौसम शुष्क रहेगा लेकिन हिमालय तराई इलाकों से होकर प्रदेश के मैदानी भागों में पहुंच रही बर्फीली हवा के कारण हाड़कंपाने वाली सर्दी का दौर जारी रहेगा। वहीं दूसरी तरफ 26 जनवरी से फिर एक नया पश्चिमी विक्षोभ प्रदेश के उत्तर पूर्वी इलाकों में सक्रिय होने की संभावना है। जिसके असर से प्रदेश के 15 शहरों में आगामी 26,27 और 28 जनवरी को कहीं कहीं हल्की से मध्यम बारिश होने और तेज रफ्तार से शीतलहर चलने की संभावना है।
बीती रात माउंटआबू के न्यूनतम तापमान में सर्वाधिक गिरावट हुई और रात का तापमान माइनस 5.0 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। खेत खलिहानों में बर्फ जम गई और कड़ाके की सर्दी के कारण लोग सुबह देर तक घरों में दुबके रहे। माउंटआबू के अलावा प्रदेश के कुछ अन्य शहरों में भी रात का तापमान 5 डिग्री से भी कम दर्ज किया गया। लूणकरणसर 0.3,पाली 2.9, नागौर 0.5, श्रीगंगानगर 3.5, सिरोही 4.0, सीकर 3.2, फतेहपुर 2.3 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान दर्ज किया गया। जयपुर में बीती रात तापमान 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
मौसम विभाग ने 26,27 और 28 जनवरी को श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, चूरू, सीकर, डीडवाना- कुचामन, खैरथल तिजारा, अलवर, भरतपुर, करौली, जयपुर, दौसा, कोटपूतली-बहरोड़, झुंझुनूं, डीग और टोंक में बारिश की आशंका को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है।
राज्य में पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अब समाप्त ने के बाद अब अगले दो-तीन दिन मौसम मुख्यतः शुष्क रहने और उत्तरी हवाओं के प्रभाव से न्यूनतम तापमान में 3-5 डिग्री व अधिकतम तापमान में 2-3 डिग्री गिरावट होने की संभावना है। किसानों को फसलों की सुरक्षा के लिए आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
विशेषज्ञों ने चेतावनी भी दी है कि अगर बारिश ज्यादा हो जाती है तो जलभराव, फसल गिरने और रोग लगने का खतरा भी बढ़ने की आशंका है। ऐसे में आगामी दिनों के दौरान मौसम को लेकर किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। मौसम विभाग ने खेतों की निगरानी रखने और जरूरत पड़ने पर पानी की निकासी की व्यवस्था करने की सलाह दी है।
प्रदेश में पश्चिमी विक्षोभ के असर के चलते शुक्रवार को ओलावृष्टि और बारिश का दौर चला। चौमूं और रींगस में चने के आकार के ओले गिरे। अधिकतर जिलों में गुरुवार देर रात से रुक-रुक कर बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश रींगस में 9 मिमी दर्ज की गई। फतेहपुर में 7 मिमी अजीतगढ़ में 6 मिमी बारिश हुई। अजमेर में 7.8, जयपुर में 8, पिलानी में 7, श्रीगंगानगर में 8 मिलीमीटर बारिश हुई। ओलावृष्टि और बारिश से प्रदेश में सर्वाधिक 11 डिग्री तक दिन के तापमान में गिरावट हुई।
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