
जयपुर।
प्रदेश में चल रहे प्री मानसून को लेकर जहां एक और लोगों में गर्मी से राहत है वहीं दूसरी और मानसून को लेकर सरकार को चिंता सताने ने लगी है। दरअसल, मानसून आने से पहले ही प्रदेश के कई जिलों में लोगो को बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ा है कहीं अंधड़ आने से पेड़ धराशायी हो गए तो कहीं की दीवार ढह गई तो कहीं किसी घर के तीन छप्पर उड़ गए। साथ ही हल्की फुलकी बारिश से ही कहीं रोड टूट गई तो कहीं बारिश का पानी भर गया।
ऐसे में मानसून की तैयारियों को लेकर सचिवालय में बैठक हुई है। आपदा प्रबंधन और गृह मंत्री गुलाबचंद कटारिया ने आज सचिवालय में आपदा प्रबंध विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की और आने वाले मानसून को लेकर प्रदेश में की जा रही तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में मंत्री ने जिलेवार की जा रही तैयारियों का जायजा लिया। जिलों के कंट्रोल रूम में आने वाली शिकायतों को तुरंत निपटाने के निर्देश दिए।
एक कंट्रोल रूम की स्थापना सचिवालय में भी की जाएगी। मानसून को देखते हुए सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से आपदा सामग्रियों को भिजवाने के लिए भी कहा है। मंत्री ने बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने क्षेत्र में तैनात रहें तथा जहां ज्यादा नुकसान का अंदेशा है उन क्षेत्रों की नियमित रूप से समीक्षा करें।
आपको बता दें कि मानसून आने से पहले ही बरसात का दौर जारी है। राजस्थान के मेवाड़ और वागड़ के विभिन्न क्षेत्रों में बरसात हो रही है। सोमवार को जिले के कानोड़, लूणदा, फलासिया में और प्रतापगढ़ के धरियावद में बरसात हुई। वहीं प्रदेश के कई जिलों में दिनभर उमस एवं गर्मी के बाद शाम 6 बजे तेज हवाओं के बीच 10 मिनट तक तेज बरसात का दौर जारी रहा।
सूर्यनगरी सहित मारवाड़ के अधिकांश हिस्सों में मंगलवार को दिनभर धूल भरी हवा चलती रही। शहर-कस्बों में तापमान दो डिग्री तक लुढक़ गया, लेकिन हवा में नमी व धूल से चिपचिपा मौसम हो गया। उमस भरे मौसम में लोग दिनभर परेशान होते रहे।
उधर मानसून की बंगाल की खाड़ी, बिहार में दस्तक देने के बाद तेजी आगे बढ़ रही है। मौसम विभाग के अनुसार थार प्रदेश में फिलहाल लू के साथ धूल भरी हवा चलने का ही पूर्वानुमान है।