Climate Change : राजस्थन में बारिश की कमी से उत्पादन प्रभावित होगा क्योंकि गेहूं-सरसों की बुवाई कम हुई है। इस वजह से दालों और खाद्य तेल की कीमतों पर भी असर पड़ेगा। यहीं नहीं किसान-कृषि विभाग के अफसर और वैज्ञानिक चिंतिंत हैं।
Rajasthan Wheat Mustard Area Decreased : जलवायु परिवर्तन के चलते बारिश की कमी का असर प्रदेश में फसलों पर पड़ने लगा है। इस बार मानसून कमजोर होने के कारण रबी सीजन में फसलों की बुवाई कम हो गई है। स्थिति यह है कि पिछले वर्ष के मुकाबले इस साल करीब आठ लाख हेक्टेयर बुवाई कम हो पाई है। इन आंकड़ों से कृषि विशेषज्ञ भी चिंतित हैं। विशेषज्ञों की मानें तो रबी सीजन में गेहूं, सरसों और चना जैसी फसलों की बुवाई के रकबे में कमी आई है। ऐसे में इस वर्ष रबी सीजन की फसलों का उत्पादन भी कम होने की आशंका है। गेहूं की फसल में छह बार तथा सरसों की फसल में चार या पांच बार सिंचाई की जरूरत होती है। पानी की कमी के कारण किसान इनकी बुवाई को महंगा सौदा मानने लगे हैं, इसीलिए वे खेती से पीछे हट रहे हैं।
कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार तो राज्य में पूरे अगस्त में बारिश नहीं हुई। इसका असर खरीफ के साथ रबी की फसलों पर पड़ा है। गेहूं और सरसों के साथ दलहनी और तिलहनी फसलों की कम बुवाई का असर दालों और खाद्य तेल की कीमतों पर पड़ेगा।
धनिया का रकबा घटा लेकिन जीरा का बढ़ा
प्रदेश में वर्ष 2022 के मुकाबले 2023 में धनिया का रकबा घटा है। 2022 में धनिया का रकबा 54 हजार 410 हेक्टेयर थाए जो 2023 में 48 हजार 675 हेक्टेयर रह गया। जबकि जीरे का रकबा बढ़ा है। वर्ष 2022 में जीरे की बुवाई का क्षेत्रफल 5 लाख 77 हजार 970 थाए जो 2023 में 6 लाख 90 हजार 770 हेक्टेयर हो गया।
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ऐसे घटा सरसों व गेहूं का रकबा
फसल - लक्ष्य - बुवाई
गेहूं - 3100000 - 2861754
सरसों - 4100000 - 3620494
चना - 2100000 - 1934331
तारामीरा - 240000 - 100648
(आंकडे़ लाख हेक्टेयर में)।
रबी सीजन की तस्वीर -
रबी सीजन-2022
बुवाई का कुल क्षेत्रफल - 1.16 करोड़ हेक्टेयर
रबी सीजन-2023
लक्ष्य - 1.17 करोड़ हेक्टेयर
बुवाई- 1.08 करोड़ हेक्टेयर।
बेहतर उत्पादन मिलने की संभावना - कुलपति बलराज सिंह
श्री कर्ण नरेन्द्र कृषि विश्वविद्यालय जोबनेर कुलपति बलराज सिंह ने कहा, भले ही बुवाई का रकबा रबी सीजन में कम है, लेकिन अभी तक मौसम की जो स्थितियां हैं। उससे जितने क्षेत्रफल में बुवाई हुई है। उससे बेहतर उत्पादन मिलने की संभावना है।
खरीफ सीजन में बुवाई पर असर
खरीफ - 2022
बुवाई का लक्ष्य - 1 करोड़ 64 लाख हेक्टेयर।
बुवाई हुई - 1 करोड़ 58 लाख हेक्टेयर में।
खरीफ में दलहनी फसलों का रकबा घटा
फसल - लक्ष्य - बुवाई
मूंग - 24 - 21 लाख
उड़द - 05 - 03।
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