
जयपुर ।
राजस्थान सरकार के पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ हाल ही में हुई एक बैठक से अफसरों के रवैये से नाराज हो गए। राठौड़ का नारज़गी इतनी ज्यादा थी की वो बैठक को बीच में छोड़ कर ही चले गए। आपको बता दें कि राठौड़ की यह बैठक कर्मचारियों की समस्याओं को लेकर मंत्रिडमंडलीय सब कमेटी की थी। जिसमे वे अफसरों की कार्यशैली से नाराज़ होकर बैठक को बीच में छोड़ कर ही चले गए।
ये हुआ पूरा मामला
प्रदेश के कर्मचारियों की मांगों और समस्याओं को लेकर मंत्रिमंडलीय सब कमेटी की बैठक में सोमवार को पंचायती राज मंत्री राजेन्द्र सिंह राठौड़ अफसरों की कार्यशैली से नाराज हो गए और बैठक बीच में छोड़कर चले गए। सातवें वेतनमान को 1 जनवरी 2016 को लागू करने, वेतन कटौती वापस लेने और विभिन्न संवंगों के कर्मचारियों की समस्या सुनने के लिए मंत्रिमंडलीय सब कमेटी की बैठक मंत्री राठौड़ की अध्यक्षता में हुई। करीब डेढ़ घंटे तक विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों से राठौड़ ने वार्ता की । इस दौरान बजट घोषणा में शामिल सेटलमेंट डिपारमेंट के कर्मचारियों के पदों का मामला सामने आया, लेकिन कार्मिक विभाग के अफसर इसका कोई जवाब नहीं दे सकें । इसी तरह शिक्षक भर्ती परीक्षा 2004 को लेकर भी शिक्षा विभाग के अफसर बिना तैयारी के पहुंच गए। इसके अलावा कई अन्य अव्यवस्थाओं को देख मंत्री राठौड़ नाराज हो गए और बैठक छोड़ कर चले गए।
सचिवालय में रही खासी भीड़
मंत्रिमंडलीय सब कमेटी के सामने अपना पक्ष रखने के लिए बड़ी संख्या में कर्मचारी नेता सचिवालय पहुंचे। इसके चलते मुख्य सचिव कार्यालय के समीप गैलरी में भी कर्मचारी नेता बैठे दिखे, वहीं समिति कक्ष के सामने से कर्मचारियों को हटाने के लिए पुलिस को लगाना पड़ा।