
चेन्नई. चेन्नई पोर्ट अथॉरिटी ने 80वां स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया। चेयरपर्सन सचिन शरथचंद्र कुर्वे ने अधिकारियों, कर्मचारियों, व्यापार भागीदारों और हितधारकों को संबोधित करते हुए पोर्ट के वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रदर्शन और आगामी योजनाओं की जानकारी दी।
चेयरपर्सन ने स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि भारत का समुद्री क्षेत्र देश की आर्थिक रूपांतरण यात्रा में अग्रणी है। उन्होंने मैरिटाइम इंडिया विजन 2030, पीएम गति शक्ति और सागरमाला जैसी राष्ट्रीय पहलों का उल्लेख करते हुए चेन्नई पोर्ट की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया।
उन्होंने जानकारी दी कि पोर्ट ने 57.90 एमएमटी कार्गो संभाला, जो 5.4% वृद्धि है और मंत्रालय के लक्ष्य से अधिक है। कंटेनर थ्रूपुट 19.4 लाख टीईयू तक पहुंचा, जबकि ऑटोमोबाइल हैंडलिंग दो लाख कारों से अधिक रही। कच्चे पेट्रोलियम का हैंडलिंग 11.45 MMT तक पहुंचा। जहाज टर्नअराउंड समय में 8.2% और कंटेनर जहाजों में 13.4% सुधार दर्ज हुआ।
कमाया मुनाफा
वित्तीय उपलब्धियों में पोर्ट ने 1,185.02 करोड़ का परिचालन आय, 530.99 करोड़ का परिचालन अधिशेष और 22 वर्षों में सबसे अधिक 433.71 करोड़ का कर पूर्व अधिशेष दर्ज किया। पेंशन और ग्रेच्युटी फंड में क्रमशः 76.50 करोड़ और 23.50 करोड़ का योगदान किया गया। वैश्विक चुनौतियों के बीच पोर्ट ने अप्रेल-जुलाई 2026 में 18.72 एमएमटी कार्गो संभाला।
चेयरपर्सन ने वन नेशन वन डॉक्यमेंट और वन नेशन वन पोर्ट प्रोसेस के तहत 100% और 90% अनुपालन की जानकारी दी। पोर्ट ट्रेड फैसिलिटेशन सेल को एकल समन्वय मंच बताया। उनके अनुसार सतत विकास के तहत 13,760 पौधे लगाए गए और हरित आवरण 14% तक बढ़ाया गया। भविष्य की योजनाओं में मपेडु मल्टीमॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, मदुरावॉयल एलिवेटेड एक्सप्रेसवे और आउटर हार्बर प्रोजेक्ट शामिल हैं।
लैपटॉप और नकद पुरस्कार
कार्यक्रम में छात्रों को लैपटॉप और नकद पुरस्कार दिए गए। अंत में चेयरपर्सन ने सभी हितधारकों का आभार जताते हुए नवाचार, ईमानदारी और स्थिरता के साथ 2047 तक भारत को अग्रणी समुद्री राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया। इस अवसर पर मुख्य सतर्कता अधिकारी श्रीमती अनुरागा पी., बोर्ड सदस्य, विभागाध्यक्ष, ट्रेड यूनियन नेता, पोर्ट उपयोगकर्ता और स्कूल के छात्र-शिक्षक उपस्थित रहे।