
यातायात नियमों को सख्ती से लागू करने और रणनीतिक योजना बनाने से राजस्थान के भिवाड़ी (Bhiwadi)और श्रीगंगानगर (Sriganganagar) जिलों में यातायात दुर्घटनाओं में कमी लाने में मदद मिली है जबकि अन्य जिले सड़क दुर्घटनाओं में बढ़ती मौतों को रोकने में विफल रहे हैं।
श्रीगंगानगर के एसपी आनंद शर्मा के मुताबिक में 2021 में 232 के मुकाबले पिछले साल सड़क दुर्घटनाओं में 177 मौतें हुईं। भिवाड़ी में 2021 में 306 के मुकाबले पिछले साल ऐसी 263 मौतें हुईं। एसपी शर्मा का दावा है कि इन दोनों जिलों में जिला पुलिस ने सड़क दुर्घटनाओं के पैटर्न की बारीकी से जांच की और उसके अनुसार अपनी यातायात प्रबंधन रणनीति बदल दी।
उन्होंने कहा कि हमारे पास तीन इंटरसेप्टर थे जो ज्यादातर शहर के इलाकों में घूमते थे। हमने उनके स्थानों को दुर्घटना संभावित स्थानों में बदल दिया। इससे हमें तेज रफ्तार वाहनों को नियंत्रित करने में मदद मिली। शराब पीकर गाड़ी चलाने और हेलमेट नियम पर भी ध्यान केंद्रित किया। हर दिन लगभग दो घंटे के लिए, हम शराब पीकर गाड़ी चलाने पर नियंत्रण करने और लोगों को हेलमेट पहनने को सुनिश्चित करने के लिए राजमार्गों के पास छोटे शहरों और गांवों में चौकियां स्थापित करते हैं। चालान कटने के बाद दूसरे वाहन सवार भी सचेत हो गए। राजमार्गों पर दुर्घटना संबंधी समस्याओं को दूर करने और मरम्मत सुनिश्चित करके और झाड़ियों को काटकर सड़क सुरक्षा उपायों में सुधार के लिए कई कदम उठाए गए।
मवेशियों के सींगों पर रिफ्लेक्टर
कोहरे की स्थिति के कारण कम दृश्यता से होने वाली दुर्घटनाओं को घटाने पर भी काम किया गया। कृषि गतिविधियों में इस्तेमाल होने वाले ट्रैक्टरों, ट्रकों और अन्य वाहनों पर रिफ्लेक्टर लगाए गए। आवारा मवेशियों के सींगों पर भी रिफ्लेक्टर टेप लगाए गए। भिवाड़ी पुलिस ने भी दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान करने और सुरक्षा मानदंडों को प्रभावी ढंग से लागू करने पर ध्यान केंद्रित करके इसी तरह की रणनीति का इस्तेमाल किया।