जयपुर

Rajasthan Nikay Election: राजस्थान में आज निकलेगी आरक्षण लॉटरी, 309 निकायों में तय होंगे राजनीतिक समीकरण

नगरीय निकाय प्रमुखों के पदों की आरक्षण लॉटरी आज राजनीतिक दलों और चुनावी दावेदारों के लिए बेहद अहम होगी। 309 नगरीय निकायों के महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों के आरक्षण के बाद राजनीतिक समीकरण स्पष्ट हो जाएंगे।
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Aug 13, 2026
Rajasthan Nagar Nikay Election
राजस्थान नगर निकाय चुनाव। पत्रिका फाइल फोटो

जयपुर। नगरीय निकाय प्रमुखों के पदों की आरक्षण लॉटरी आज राजनीतिक दलों और चुनावी दावेदारों के लिए बेहद अहम होगी। 309 नगरीय निकायों के महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों के आरक्षण के बाद राजनीतिक समीकरण स्पष्ट हो जाएंगे। स्वायत्त शासन विभाग के सभागार में सुबह साढ़े दस बजे से लॉटरी की प्रक्रिया शुरू होगी। इसमें 10 नगर निगमों के महापौर, 51 नगर परिषदों के सभापति और 248 नगरपालिकाओं के अध्यक्ष पदों का वर्ग वार आरक्षण तय किया जाएगा।

309 पदों की लॉटरी में एससी के लिए 50, एसटी के लिए 11 और ओबीसी के लिए 60 पद आरक्षित हो सकते हैं। महिला आरक्षण का आंकड़ा 33 प्रतिशत है। जिला प्रमुख पद के लिए आरक्षण लॉटरी गुरुवार को पंचायतीराज संस्थान में दोपहर 3.15 बजे निकाली जाएगी। राज्य में 41 जिला परिषद है। सभी के चुनाव एक साथ होंगे। सदस्यों के आरक्षण के लिए 17 अगस्त को जिला स्तर पर लॉटरी प्रस्तावित है। आरक्षण की तस्वीर साफ होने के साथ ही निकाय चुनाव की राजनीतिक तैयारियां भी तेज हो जाएंगी।

…इसलिए लॉटरी ऑफलाइन

आरक्षण लॉटरी ऑफलाइन निकाली जाएगी। राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को भी प्रक्रिया में शामिल होने के लिए बुलाया गया है। कुछ राजनीतिक दलों ने ऑनलाइन लॉटरी की स्थिति में पारदर्शिता को लेकर आशंका जताई थी। इसके बाद विभाग ने ऑफलाइन प्रक्रिया अपनाने का निर्णय किया है। प्रक्रिया में करीब पांच से छह घंटे लगने की संभावना है।

सबसे पहले एससी के लिए निकलेगी लॉटरी

-निकाय प्रमुखों के पदों की आरक्षण लॉटरी में सबसे पहले अनुसूचित जाति (एससी) के लिए लॉटरी निकाली जाएगी। इसके लिए 2019 और 2014 के चुनावों में एससी के लिए आरक्षित रहे निकायों को पहले अलग किया जाएगा। इसके बाद बचे निकायों में एससी की आबादी के आधार पर क्रम तय होगा। सबसे अधिक एससी आबादी वाले निकायों से लेकर घटते क्रम में निकायों को सूचीबद्ध किया जाएगा और इसी आधार पर आरक्षण के लिए लॉटरी निकाली जाएगी।

-एससी के बाद अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए यही प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 2019 और 2014 में एसटी के लिए आरक्षित रहे निकायों को अलग करने के बाद शेष निकायों में एसटी आबादी के आधार पर क्रम तय किया जाएगा। सबसे अधिक एसटी आबादी वाले निकायों को पहले रखा जाएगा। इसी क्रम में 11 निकाय प्रमुखों के पद एसटी के लिए आरक्षित करने के लिए लॉटरी निकाली जाएगी।

इन तीन निगमों में पहली चुने जाएंगे महापौर

भीलवाडा, पाली, अलवर नए नगर निगम बने हैं, इनमें पहली बार महापौर चुने जाएंगे।