
राजस्थान पंचायत चुनाव। फोटो: पत्रिका
जयपुर। राजस्थान सरकार ने पंचायत चुनाव-2026 में 'वन स्टेट, वन इलेक्शन' की अवधारणा लागू करते हुए सभी पंचायत राज संस्थाओं के चुनाव एक साथ कराने का निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य की 14,403 ग्राम पंचायतों, 477 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों में एक साथ चुनाव होंगे। इस निर्णय का सबसे बड़ा राजनीतिक असर यह होगा कि पूरे प्रदेश में एक साथ चुनावी माहौल बनेगा और राजनीतिक दलों को बूथ स्तर से लेकर जिला स्तर तक अपनी संगठनात्मक क्षमता का प्रदर्शन करना होगा। ग्रामीण क्षेत्रों में जनाधार की असली परीक्षा भी चुनाव में होगी।
विभाग के अनुसार जिन ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों का कार्यकाल दिसंबर में पूरा होना है, उनके चुनाव भी पंचायत आम चुनाव-2026 के साथ ही कराए जाएंगे। जिन पंचायतीराज संस्थाओं का कार्यकाल शेष रहेगा, वहां नव निर्वाचित जनप्रतिनिधियों को उनके वर्तमान कार्यकाल की समाप्ति के बाद शपथ दिलाई जाएगी।
राजस्थान की 6 जिला परिषद और 78 पंचायत समितियों का कार्यकाल 5 सितंबर 2026 को पूरा होगा। वहीं, 2 जिला परिषद और 22 पंचायत समितियों का कार्यकाल 29 अक्टूबर 2026 में और 4 जिला परिषद और 30 पंचायत समितियों का कार्यकाल 22 दिसम्बर 2026 को पूरा होगा।
राजस्थान में पंचायत चुनाव-2026 की तैयारियां निर्णायक चरण में हैं। प्रदेश की 14,403 ग्राम पंचायतों, 477 पंचायत समितियों और 41 जिला परिषदों के वार्डों के आरक्षण की तस्वीर अगले सप्ताह साफ हो जाएगी। संभवतया 17 अगस्त को जिला परिषद सदस्यों, पंचायत समिति सदस्यों और प्रधान पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जा सकती है। वहीं 18 अगस्त को सरपंचों और ग्राम पंचायत वार्डों का आरक्षण तय हो सकता है। राज्य के सभी निकायों के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी भी 17 अगस्त को निकाली जा सकती है। सरकार ने कलक्टरों को पंचायत समिति व जिला परिषद के वार्डों तथा प्रधान पदों के आरक्षण निर्धारण और श्रेणीवार आवंटन की जिम्मेदारी दी है।
सरकार की ओर से आरक्षण की लॉटरी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद राज्य निर्वाचन आयोग चुनाव कार्यक्रम जारी करेगा। यह जारी होते ही संबंधित नगरीय निकायों और पंचायतीराज संस्थाओं के क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो जाएगी।
Updated on:
12 Aug 2026 08:44 am
Published on:
12 Aug 2026 08:44 am
