रेजिडेंट डॉक्टर्स ने अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को प्रदर्शन किया
जयपुर। सीनियर रेज़िडेंसी (एसएआर) काउंसलिंग में लगातार हो रही देरी को लेकर रेज़िडेंट चिकित्सकों का सब्र मंगलवार को जवाब दे गया। मेडिकल कॉलेज परिसर में प्रदर्शन के बाद डॉक्टरों ने निदेशालय चिकित्सा शिक्षा पहुंचकर प्रशासन के खिलाफ नाराज़गी की। चिकित्सकों का कहना है कि पिछले तीन महीनों से काउंसलिंग प्रक्रिया चल रही है, लेकिन अब तक किसी भी तरह का आवंटन नहीं किया गया है।
रेज़िडेंट डॉक्टरों के मुताबिक एसएआर काउंसलिंग में देरी का सीधा असर उनकी रोज़ी-रोटी पर पड़ रहा है। पीजी पूरी कर चुके विशेषज्ञ चिकित्सक तीन माह से बेरोज़गार बैठे हैं।
इस अनिश्चितता के कारण उन्हें आर्थिक संकट के साथ मानसिक दबाव का भी सामना करना पड़ रहा है। किराया, लोन और पारिवारिक जिम्मेदारियां निभाना मुश्किल हो गया है।
प्रदर्शन कर रहे चिकित्सकों ने प्रशासन पर दोहरे मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि एक तरफ एसएआर काउंसलिंग को लटकाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर लैटरल एंट्री के ज़रिये भर्तियाँ की जा रही हैं। यह सीधे तौर पर प्रदेश के पीजी पास-आउट डॉक्टरों के साथ अन्याय है, जिन्होंने तय प्रक्रिया के तहत वर्षों की पढ़ाई और प्रशिक्षण पूरा किया है। इन डॉक्टर्स ने कहा कि पिछले एक महीने से प्रशासन को पत्र लिखकर स्थिति से अवगत कराया जा रहा है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय सामने नहीं आया। डॉक्टरों का तर्क है कि इस देरी से न केवल उनका करियर प्रभावित हो रहा है, बल्कि चिकित्सा शिक्षा व्यवस्था भी कमजोर पड़ रही है। एसएआर की कमी से अस्पतालों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं पर भी असर पड़ने की आशंका है, जिसका खामियाजा अंततः मरीजों को भुगतना पड़ेगा। रेज़िडेंट चिकित्सकों ने प्रशासन से मांग की है कि काउंसलिंग तुरंत आयोजित कर आवंटन किया जाए।