
Rajasthan Government Health Scheme : जयपुर में शुक्रवार को एक परेशान बुजुर्ग ने तमाश खड़ा कर दिया। एसएमएस हॉस्पिटल के सामने दुकान पर दवा लेने गया तो उसे बैरंग लौटा दिया। सुबह करीब 11 बजे गुस्से में बुजुर्ग टोंक रोड पर बीच सड़क पर लेट गया। 10 मिनट तक सड़क पर ही लेटा रहा। ट्रैफिककर्मी और वहां मौजूद लोगों ने उसे समझाया। उसके बाद वह बिना दवाई लौट गया। यह मामला राजस्थान के कई जिलों में देखा जा रहा है। सरकारी कर्मचारियों व पेंशनर्स की राजस्थान गवर्नमेंट हैल्थ स्कीम (आरजीएचएस) योजना में सभी दवाइयां नहीं मिलने की समस्या का समाधान अब तक नहीं निकला है। अधिकांश जिलों में विक्रेताओं के यहां मरीजों को पूरी दवाइयां नहीं मिल पा रही हैं। इसका बड़ा कारण भुगतान विवाद है।
राजस्थान सरकार ने इस योजना के तहत इलाज के लिए निजी अस्पताल और दवा के लिए निजी दवा दुकानों को चिन्हित किया हुआ है। प्रदेश के कई जिलों में कई दवा विक्रेताओं ने भुगतान अटकने के कारण दवा देना या तो बंद कर दिया है। कहीं दी भी जा रही है तो आधी अधूरी या आनाकानी के बाद ही दवा मिल पा रही है। योजना के संचालन के लिए जिम्मेदार अधिकारी मूकदर्शक बने हुए हैं। कुछ जगह दवा विक्रेता रोगियों को एक माह की दवा देने की बजाए 5-7 दिन की दवा देकर अपना पल्ला झाड़ रहे हैं। मेडिकल स्टोर व निजी अस्पतालों के लिए भुगतान नहीं होने से दवा खरीद मुश्किल हो चुकी है। कर्मचारियों को चिकित्सक एक माह की दवा लिखता है तो मेडिकल स्टोर्स संचालक स्टॉक नहीं होने के कारण पांच से सात दिन की ही दवा उपलब्ध करवा रहे हैं।
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