
अहमदाबाद. मेहसाणा जिले के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के लिए प्रसिद्ध वडनगर में अब पर्यटकों को शहर का इतिहास ऑटो रिक्शा की सवारी के साथ देखने को मिलेगा। गुजरात स्टेट फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स लिमिटेड (जीएसएफसी) ने अपने सीएसआर फंड से वडनगर के पुराने ऑटो रिक्शा को हेरिटेज लुक देने की अनूठी पहल शुरू की है। नए रूप में तैयार किए जा रहे ये ऑटो वडनगर की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और प्रमुख पर्यटन स्थलों की पहचान को अपने साथ लेकर चलेंगे।
गौरतलब है कि वडनगर में हर साल देश और दुनिया से बड़ी संख्या में पर्यटक घूमने के लिए आते हैं। नरेन्द्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद और खास तौर पर उनके मार्गदर्शन में पर्यटन विकास की विभिन्न योजनाओं के कार्यान्वित होने से वडनगर में पर्यटन को अभूतपूर्व बढ़ावा मिला है। यह सैलानियों के पसंदीदा गंतव्य के रूप में तेजी से उभर रहा है। राज्य सरकार वडनगर को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने के लिए विभिन्न योजनाओं पर काम कर रही है। इसी कड़ी में राज्य के सार्वजनिक उपक्रमों को भी पर्यटन विकास से जोड़ा गया है। वडनगर हेरिटेज ऑटो परियोजना में पर्यटन एवं परिवहन विभाग की ओर से आवश्यक लॉजिस्टिक सहयोग दिया जा रहा है।
B300 से अधिक ऑटोB
वडनगर में वर्तमान में 300 से अधिक ऑटो रिक्शा पंजीकृत हैं। पर्यटकों को आकर्षित करने के साथ स्थानीय ऑटो चालकों की आय बढ़ाने के उद्देश्य से एक ऑटो के रेट्रोफिटमेंट पर 50 हजार रुपए से अधिक खर्च किए जा रहे हैं। परियोजना के पहले चरण में 21 ऑटो रिक्शा को हेरिटेज लुक दिया जा चुका है। इन ऑटो के जरिए पर्यटकों को वडनगर के ऐतिहासिक स्थलों और शहर की विशिष्ट पहचान के बारे में आसानी से जानकारी मिल सकेगी। इससे पर्यटकों के लिए शहर की यात्रा का अनुभव भी अलग और यादगार बनाने का प्रयास है। हेरिटेज ऑटो पहल से वडनगर की ऐतिहासिक पहचान को नया माध्यम मिलने के साथ स्थानीय ऑटो चालकों की आजीविका को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
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