बड़ी उपलब्धि : सूरत की डायमंड कंपनी का कारनामा, कारीगरों ने नौ महीने में की तैयार। खिले फूल जैसी रचना में पंखुडि़यों की परतें, हीरे की Discs और तितली शामिल।
सूरत. गुजरात में सूरत की एक हीरा कंपनी ने अंगूठी में अधिकतम हीरे जड़ने का वर्ल्ड रेकॉर्ड बनाया है। हरि कृष्णा एक्सपोट् र्स और इसकी सहयोगी कंपनी एच.के. डिजाइंस ने 50,907 हीरों से यह अनूठी अंगूठी तैयार की। कंपनी को हाल ही मुंबई में खिताब से सम्मानित किया गया। अंगूठी की कीमत 65 लाख रुपए आंकी गई है। इससे पहले भी सूरत की कई फर्म इस तरह की कोशिशों से गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स में नाम दर्ज करा चुकी हैं।
वर्ल्ड रेकॉर्ड में नाम दर्ज कराने वाली अंगूठी को बनाने में नौ महीने का समय लगा। इसमें डिजाइन से लेकर डायमंड की कटिंग और फिनिशिंग तक का काम सूरत में ही किया गया। अंगूठी में 18 कैरेट गोल्ड का इस्तेमाल हुआ है। अंगूठी में आठ हिस्से हैं। इनमें पंखुडि़यों की परतें, हीरे की दो Discs और तितली शामिल है। पहली नजर में यह खिले हुए फूल की तरह लगती है। अंगूठी के हरेक हीरे को कारीगरों की टीम ने हाथों से सेट किया। कंपनी के एक अधिकारी ने बताया कि अंगूठी का नाम यूटिएरिया रखा गया है। इसका मतलब प्रकृति के साथ एक हो जाना है।
पुराने गोल्ड और डायमंड का किया इस्तेमाल
अंगूठी की खासियत यह है कि इसे पूरी तरह रीसाइकल मैटेरियल (गोल्ड और डायमंड) से तैयार किया गया। इसमें 460.55 ग्राम गोल्ड और 130.19 कैरेट डायमंड लगा है। कंपनी के एमडी घनश्याम ढोलकिया ने कहा, हम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रेकॉर्ड्स के आभारी हैं कि उन्होंने हमारी टीम की तरफ से कड़ी मेहनत से तैयार इस अंगूठी को यह सम्मान दिया।
प्रकृति के साथ इंसानों के संबंध...
सूरत टेक्सटाइल और हीरा नगरी के तौर पर मशहूर है। अंगूठी को बनाने का मकसद प्रकृति के साथ इंसानों के संबंध को दिखाना है। एच.के. एक्सपोट् र्स के संस्थापक और अध्यक्ष सावजी ढोलकिया के मुताबिक, हम पर्यावरण संतुलन के मकसद से रिंग के हरेक हीरे के लिए एक पेड़ लगाएंगे।