जयपुर

पुलिस का गैर मानवीय व्यवहार! सडक़ किनारे पड़ी रही बॉडी और पुलिस देखती रही इलाका

कई जिलों की पुलिस अपने अफसरों की सुनने को तैयार ही नहीं है और जब तक थाना इलाका कंफर्म नहीं हो तब तक कार्रवाई करने से भी बचती रहती है...
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Oct 30, 2017
accident

जयपुर/दौसा। होम मिनिस्टर, डीजीपी, रेंज आईजी और एसपी... ये अफसर कितनी ही बार अपनी पुलिस को समझा दें कि हादसा होने पर बिना इलाका देखे तुरंत कार्रवाई करें, लेकिन इसके बाद भी कई जिलों के हाल बेहाल हैं। कई जिलों की पुलिस अपने अफसरों की सुनने को तैयार ही नहीं है और जब तक थाना इलाका कंफर्म नहीं हो तब तक कार्रवाई करने से भी बचती रहती है। ताजा मामला दौसा से सामने आया है।

बीती रात हुआ हादसा
दौसा जिले में बीती रात एक हादसा हुआ। दरअसल एक अज्ञात वाहन ने रात करीब साढ़े नौ बजे एनएच 11 पर एक मंदबुद्धि युवक को टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद युवक करीब डेढ़ किमी तक वाहन में ही फंसा रहा। बताया जा रहा है कि हादसा मानपुरा थाना क्षेत्र में हुआ, लेकिन पुलिस को जहां शव मिला वह जगह सिकंदरा थाना क्षेत्र में है। जब हादसा हुआ इसके कुछ देर बाद ही गुर्जर नेता मानसिंह वहां से गुजरे और सडक़ किनारे पड़ा शव देखकर पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सिकंदरा पुलिस मौके पर पहुंची। शव की हालत देखने के बाद सिकंदरा पुलिस ने कार्रवाई करने से पहले डेढ़ किमी का चक्कर काटा। हाईवे पर खून और मानव अवशेष के निशान देखे। जब तक सडक़ पर भीड़ भी हो गई और शव सडक़ पर ही पड़ा रहा। बाद में जब पुलिस ने यह कंफर्म कर लिया कि डेढ़ किमी का यह क्षेत्र सिकंदरा में ही आता है तब जाकर पुलिस ने कार्रवाई की और शव को जिला अस्पताल के मुर्दाघर में रखवाया। शव की पहचान नहीं हो सकी है।

Published on:
30 Oct 2017 01:13 pm