
मुकेश शर्मा / जयपुर। गोपालपुरा बायपास स्थित 10 बी स्कीम में रिटायर्ड बैंक अधिकारी कृष्णकांत गुप्ता के घर डाका उनकी नौकरानी ने प्रेमी संग मिलकर डाला। वारदात के बाद नौकरानी प्रेमी संग भरतपुर होते हुए मथुरा पहुंची, यहां पर उन्होंने बुजुर्ग दम्पति के क्रेडिट कार्ड से 12 हजार रुपए निकाले और फिर दिल्ली होते हुए गाजियाबाद चले गए। चार दिन से पीछा कर रही जयपुर कमिश्नरेट पुलिस की टीम ने डकैतों के ले जाई गई दम्पति की कार, एटीएम कार्ड और तकनीकी मदद से सोमवार को गाजियाबाद से नौकरानी प्रिया साहू उर्फ परवीन खातून, उसके प्रेमी नदीम और गैंग के एक अन्य साथी आमिर को पकड़ लिया।
किसने मदद की, जांच रही पुलिस
डीसीपी विकास पाठक ने बताया कि आरोपियों के पास से कार, लूट की रकम में से 34460 रुपए, वारदात में काम लिए दो चाकू बरामद किए। वारदात के समय कृष्णकांत गुप्ता के घर में मौजूद एक डकैत को और तलाशा जा रहा है। पुलिस यह भी पड़ताल कर रही है कि घर में मौजूद गैंग के लोगों के अलावा बाहरी क्षेत्र में रहकर गैंग की किसने मदद की।
बहन ने मोबाइल बेचा, उसमें मिले नंबर से हुई दोस्ती
पश्चिम बंगाल निवासी नौकरानी प्रिया साहू उर्फ परवीन खातून की बड़ी बहन अहमदाबाद में पति के साथ रहती है। उसने अपना पुराना मोबाइल फोन बेचा था, जो नदीम के पास पहुंच गया। फोन में परवीन खातून के नंबर थे जिस पर चार माह पहले ही नदीम बात की तो उनकी दोस्ती हो गई। दोनों में प्रेम हो गया और नदीम ने उससे शादी करने का प्रस्ताव भी दे दिया। परवीन का अपने पति से तलाक हो चुका था। बातचीत के दौरान परवीन ने कृष्णकांत गुप्ता और उनकी पत्नी के अकेले रहने व अमीर होने की जानकारी दी। इस पर नदीम ने उत्तर प्रदेश जेल में साथ बंद रहे आमिर और अन्य तीसरे साथी को वारदात के लिए चुना। उनके साथ जयपुर आकर दो बार रैकी भी की। 20 दिन पहले परवीन का पति बनकर नदीम बुजुर्ग दम्पति के घर करीब डेढ़ घंटे ठहरा और रैकी करके गया । इसके बाद 18 जुलाई की रात 11 बजे वारदात के लिए पहुंच गए। लेकिन जाग होने पर भाग गए। फिर देर रात 2 बजे परवीन से गेट खुलवा वारदात को अंजाम दे गए।