जयपुर

RPSC महा-घोटाला: RAS 2018 और 2021 में ‘फर्जीवाड़े’ का बड़ा खुलासा, किरोड़ी लाल मीणा ने CM को लिखी चिट्ठी

राजस्थान की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में एक नया 'सियासी भूचाल' आ गया है। पेपर लीक और भ्रष्टाचार के आरोपों से घिरी RPSC (राजस्थान लोक सेवा आयोग) की परतें अब खुद उसके पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा ने खोलनी शुरू कर दी हैं। जेल की सलाखों के पीछे हुई एक गुप्त मुलाकात के बाद जो खुलासे हुए हैं, उन्होंने RAS भर्ती 2018 और 2021 की शुचिता पर गहरे सवाल खड़े कर दिए हैं।

2 min read
Feb 13, 2026

जयपुर। राजस्थान में भर्ती परीक्षाओं के पेपर लीक मामले में जेल में बंद आरपीएससी के पूर्व सदस्य बाबूलाल कटारा ने अब आयोग के भीतर के काले कारनामों से पर्दा हटा दिया है। प्रदेश के कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने दावा किया है कि जेल में कटारा के साथ हुई उनकी मुलाकात में कई चौंकाने वाले नाम और तथ्य सामने आए हैं। इस खुलासे के बाद मंत्री मीणा ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर बाबूलाल कटारा को 'सरकारी गवाह' बनाने की मांग की है, ताकि इस सिंडिकेट के 'बड़े चेहरों' तक पहुँचा जा सके।

ये भी पढ़ें

Rajasthan News : क्या टोल प्लाज़ा पर निजी वाहन होंगे ‘टोल फ्री’? आ गई ये बड़ी खबर 

जेल में उठा 'राज' से पर्दा

मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने बताया कि उन्होंने 7 जनवरी 2026 को जेल में बाबूलाल कटारा से मुलाकात की थी। इस बातचीत के आधार पर उन्होंने 10 फरवरी को मुख्यमंत्री को एक विस्तृत पत्र भेजा है। मीणा का तर्क है कि कटारा को सरकारी गवाह बनाकर उन 'मगरमच्छों' को पकड़ा जा सकता है जिन्होंने राजस्थान के लाखों युवाओं का भविष्य बर्बाद किया है।

RAS भर्ती 2018 और 2021, उत्तर पुस्तिकाओं में खेल!

किरोड़ी लाल मीणा ने पत्र में आरएएस भर्ती 2018 और 2021 में हुए कथित फर्जीवाड़े के गंभीर सबूत पेश किए हैं। आरोप है कि 2018 की मुख्य परीक्षा में कॉपियों की स्कैनिंग का काम एक ऐसी निजी फर्म को दिया गया जो तत्कालीन अधिकारियों की करीबी थी।

वहीं RPSC पूर्व अध्यक्ष संजय श्रोत्रिय पर आरोप है कि उन्होंने 2021 की मुख्य परीक्षा की उत्तर पुस्तिकाएं सरकारी शिक्षकों के बजाय निजी विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के शिक्षकों से जंचवाईं, ताकि चहेते अभ्यर्थियों को मनमाने अंक दिए जा सकें।

शिव सिंह राठौड़ पर गंभीर आरोप

बाबूलाल कटारा के हवाले से मंत्री मीणा ने पूर्व कार्यवाहक अध्यक्ष शिव सिंह राठौड़ पर तीखे प्रहार किए हैं। आरोप है कि राठौड़ ने मुख्य परीक्षा का 10 अंकों का एक प्रश्न सोशल मीडिया (ट्वीट) के जरिए पहले ही सार्वजनिक कर दिया था। प्रारंभिक परीक्षा निरस्त करने के आदेश के बावजूद, मुख्य परीक्षा को आनन-फानन में आयोजित किया गया ताकि सेटिंग वाले अभ्यर्थियों का चयन सुनिश्चित हो सके।

SOG की भूमिका पर भी सवाल

डॉ. मीणा ने केवल आयोग ही नहीं, बल्कि जांच एजेंसी SOG के भी तीन अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इन अधिकारियों ने अपने करीबियों को पेपर पढ़वाए। मोहन पोषवाल को इस पूरे खेल का मुख्य सरगना बताया गया है। मीणा का कहना है कि वे इसके पर्याप्त साक्ष्य पहले ही एसओजी को सौंप चुके हैं।

किरोड़ी की मांग: 'सरकारी गवाह' बने कटारा

किरोड़ी लाल मीणा का मानना है कि बाबूलाल कटारा केवल एक प्यादा है। असली मास्टरमाइंड पर्दे के पीछे छिपे हैं। अगर कटारा को सरकारी गवाह बनाया जाता है, तो वह अदालत में उन रसूखदार नेताओं और नौकरशाहों के नाम ले सकता है जिनके इशारे पर आरपीएससी में यह 'भर्ती मंडी' चल रही थी।

ये भी पढ़ें

राजस्थान विधानसभा में कांग्रेस MLA का ‘अभद्र इशारा’- वीडियो वायरल, अब होगा एक्शन!

Published on:
13 Feb 2026 05:26 pm
Also Read
View All

अगली खबर