RSS विपक्ष के प्रश्नकाल के दौरान वैल में प्रदर्शन से नाराज विधानसभा अध्यक्ष जोशी
काले अध्याय के रूप में याद किया जाएगा आपका ये व्यवहार: जोशी
विपक्ष के प्रश्नकाल के दौरान वैल में प्रदर्शन से नाराज विधानसभा अध्यक्ष जोशी ने कहा...
- कहाः प्रश्नकाल नहीं रोकें, कल आप जब सत्ता में आओगे तो तकलीफ पाओगे
जयपुर। राजस्थान विधानसभा में रीट मामले की जांच सीबीआई को देने की मांग को लेकर विपक्ष ने मंगलवार को भी प्रश्नकाल में हिस्सा नहीं लिया और वैल में आकर प्रदर्शन किया। विपक्ष के इस व्यवहार के नाराज विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी ने हंगामे के बीच प्रश्नकाल जारी रखा। इस बीच उन्होंने नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया, उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ सहित विपक्ष से कहा कि प्रश्नकाल रोकने का प्रयास नहीं करें, अगर आपने ऐसा किया तो मुझे कठोर कार्रवाई करनी पड़ेगी। ये व्यवहार संसदीय लोकतंत्र की गरिमा गिराने वाला है। ये परम्परा ठीक नहीं है, कल आप जब सत्ता में आओगे तो तकलीफ पाओगे। जो परंपरा आप डाल रहे हैं वह काले अध्याय के रूप में याद रखी जाएगी। प्रतिपक्ष रहे चाहे नहीं रहे लेकिन सदन चलेगा।
भाजपा विधायकों ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सीबीआई जांच के बैनर लहराए। विपक्ष के सदस्यों के सवाल भी अध्यक्ष जोशी ने पुकारे और मंत्रियों से जवाब लिए। अध्यक्ष ने नारेबाजी के बीच रीट मामले को लेकर विपक्ष से कहा कि आप जानते हैं कि इस विषय पर एक बार चर्चा हो चुकी है और उस पर दोबारा चर्चा नहीं हो सकती।
आप विरोध का कोई और तरीका निकालें। तबीयत खराब हो जाएगी और डॉक्टर बुलाने पड़ेंगे। आप लोग खड़े होकर चिल्लाने के बजाय खामोशी से बैठकर भी अपना विरोध जता सकते हो।
1 लाख से अधिक अध्यर्थियों के 150 में से 135 अंक - कटारिया
कटारिया ने कहा कि प्रश्नकाल समाप्त होने के बाद कटारिया ने कहा कि सरकार से सीबीआई जांच का आश्वासन नहीं मिला है। जब 32 जिलों में रीट प्रश्न पत्र को पुलिस-प्रशासन की नगरानी में रखा और अकेले जयपुर में क्यों ये व्यवस्था नहीं की गई। एक लाख से ज्यादा अभ्यर्थियों के 150 में से 135 अंक हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक संरक्षण में स्ट्रोंग रूम से प्रश्न पत्र आउट हुआ है। ऐसे गैंग समाप्त होने चाहिए। गिरोह का सरताज पकड़ में आना चाहिए। कटारिया ने बहिर्गमन करने को कहा और सभी सदस्य सदन से बाहर चले गए।
आरएसएस ठगों का संघ, ये बदनाम संस्था के सदस्य - धारीवाल
विपक्ष के सदन से जाते समय संसदीय कार्य मंत्री शांति धारीवाल ने कहा कि भागो मत, मेरा जवाब सुनो। धारीवाल ने आरोप लगाया कि ये सब भ्रष्टाचार में डूबे हुए हैं और बदनाम संस्था के सदस्य हैं, इस कारण दूसरों को बदनाम करते हैं। आरएसएस ठगों का संघ है, ये पूरी दुनिया जानती है। इस बीच विपक्ष सदन से चला गया। धारीवाल ने कहा कि ये लोग एसओजी की जांच के खिलाफ एक शब्द नहीं बोल पाए। यदि जांच गलत है, तो तथ्य रखें, सुझाव दें। इनकी बात में दम नहीं है। दिल्ली के इशारे पर सब हो रहा है, ये खुद का दिमाग नहीं लगा रहे।