
जयपुर। राजस्थान पर्यटन विकास निगम लिमिटेड को अजमेर के तारागढ़ किले में स्थित रेलवे क्वाटर्स के रेस्टोरेशन एवं पुन: उपयोग की स्वीकृति नहीं मिलेगी। रेलवे ने आरटीडीसी की इस मांग को अव्यवहारिक एवं अप्रसांगिक बताया है। उन्होंने आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ की ओर से लिखे गए पत्र का जवाब देते हुए कहा है कि तारागढ़ स्थित रेलवे स्थल का उपयोग भविष्य में रेलवे की ओर से विभिन्न गतिविधियों के लिए उपयोगी हो सकता है। रेल मंत्रालय की ओर से ट्यूरिज्म एंड कैटरिंग पॉलिसी का हवाला भी दिया गया है।
बता दें कि आरटीडीसी के चेयरमैन धर्मेंद्र राठौड़ ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को पिछले दिनों एक पत्र लिखा था। इस पत्र में उन्होंने कहा था कि तारागढ़ किला पुरातत्व की दृष्टि से महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक है। साथ ही वहां से अजमेर का विहंगम दृश्य दिखाई देता है और बड़ी संख्या में पर्यटक भी आते हैं। उन्होंने पत्र में कहा कि तारागढ़ किले में पर्यटकों के खानपान एवं आवास की सुविधा का अभाव है। ऐसे में उन्होंने रेलवे के इस क्वार्टर के उपयोग के संबंध में स्वीकृति मांगी थी। जिसे रेल मंत्रालय ने देने से इनकार कर दिया है।
ब्रिटिश काल में हुआ था क्वार्टर का निर्माण
बता दें कि यह क्वार्टर रेलवे के अधीन हैं। इसका निर्माण ब्रिटिश काल में 18वीं शताब्दी में किया गया था। हालांकि वर्तमान में इसका उपयोग नहीं हो रहा है। लेकिन, भविष्य में रेलवे इसका उपयोग कर सकता है। आरटीडीसी यहां पर कैंटिन के साथ ही गेस्ट हाउस बनाना चाह रहा था।