जयपुर

Sachin Pilot Interview: पायलट बोले- दिल्ली से चल रही सरकार; उपचुनाव की 7 सीटों के लिए किया बड़ा दावा

Sachin Pilot Interview: दो राज्यों की चुनावी रैलियों के बीच सचिन पायलट ने ‘पत्रिका’ से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। दिल्ली से जो आदेश हो गया, उसकी पालना करना है।

3 min read
Sep 23, 2024

शादाब अहमद। कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव सचिन पायलट इन दिनों हरियाणा व जम्मू-कश्मीर के विधानसभा चुनावों के प्रचार में जुटे हुए हैं। वे लगातार सभाएं कर रहे हैं। हरियाणा के रेवाड़ी व महेन्द्रगढ़ में चुनावी रैलियों के बीच पायलट ने ‘पत्रिका’ से खास बातचीत की। इस दौरान उन्होंने कहा कि राजस्थान में यही नहीं पता कि कौन सरकार में मंत्री हैं, कौन नहीं है। संगठन कुछ बात बोलता है और सरकार खंडन करती है। इतने सारे सत्ता के केंद्र बन गए हैं। रोज खींचतान की नई खबरें आती हैं।

वहीं, उन्होंने इस इंटरव्यू के दौरान कहा कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में एलजी के माध्यम से डबल इंजन सरकार चलाई, लेकिन चुनाव में अपने कामकाज गिनाने की बजाय पाकिस्तान के भरोसे हो गए। वहीं हरियाणा में कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा को लेकर मचे घमासान पर सचिन पायलट ने कहा कि गुटबाजी कोई मुद्दा नहीं है। जनता भाजपा के दस साल के कुशासन से निजात चाहती है।

सवाल: राजस्थान की बीजेपी सरकार के काम काज को किस तरह से देखते हैं?

जवाब: कामकाज, कौन सा काम! यही नहीं पता कि कौन सरकार में मंत्री हैं, कौन नहीं है। संगठन कुछ बात बोलता है और सरकार खंडन करती है। इतने सारे सत्ता के केंद्र बन गए हैं। रोज खींचतान की नई खबरें आती हैं। इसका नुकसान जनता को हो रहा है। लॉ एंड ऑर्डर चरमरा गया है। इतनी जल्दी जनता का विश्वास खो देना, मैंने पहली बार देखा है। राजस्थान और छत्तीसगढ़ में सरकार नाम की कोई चीज नहीं है। दिल्ली से जो आदेश हो गया, उसकी पालना करना है। नौकरशाहों के माध्यम से सरकारों को दिल्ली चला रही है।

सवाल: राजस्थान में विधानसभा की 7 सीटों पर उपचुनाव होने हैं, क्या इससे सरकार को कामकाज की कसौटी पर कसा जाएगा?

जवाब: हर चुनाव सरकार की विश्वसनीयता का मापदंड ही होता है। इस बार जहां भी उपचुनाव होंगे, वहां हम जीतेंगे। दस महीनों में लोग सरकार से निराश हो चुके हैं।

सवाल: अब हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में प्रचार कर रहे हैं, कैसा माहौल दिख रहा है?

जवाब: बीजेपी सरकार ने 'वन नेशन वन इलेक्शन' का शिगूफा छोड़ा है। हालात ऐसे हैं कि हरियाणा, जम्मू-कश्मीर के साथ महाराष्ट्र व झारखंड के चुनाव नहीं करवा सके। यह मुद्दा सिर्फ ध्यान भटकाने के लिए लाया गया है। दोनों राज्यों में प्रचार अच्छा है और बीजेपी का चुनाव प्रचार उठ नहीं पा रहा है। कश्मीर में भाजपा ने अपने उम्मीदवार इंडिया गठबंधन के वोट में बिखराव के लिए खड़े किए हैं।

सवाल: आर्टिकल 370 को लेकर कांग्रेस पर पाकिस्तान जैसी बोली का आरोप लग रहा है, पार्टी अपने आपको कैसे बचाएगी?

जवाब: भाजपा हर चुनाव में पाकिस्तान को लाने का प्रयास करती हैं। जबकि चुनाव मैनिफेस्टो और सरकार के प्रदर्शन पर लड़ना चाहिए। जम्मू कश्मीर में भाजपा ने बिना चुनाव जीते एलजी के माध्यम से डबल इंजन की सरकार चलाते हुए सारे फैसले किए। वहां दस साल बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश के चलते चुनाव हो रहा है। हम जम्मू-कश्मीर को पूर्ण राज्य का दर्जा दिलाने के लिए प्रतिबद्ध है। केन्द्र सरकार के शासन के बावजूद वहां आतंक की घटनाएं बढ़ी हैं और सैनिकों की शहादत हो रही है।

सवाल: गृह मंत्री अमित शाह ने ईद और मोहर्रम पर निशुल्क दो गैस सिलेंडर देने का वादा किया है। इसको कैसे देखते हैं?

जवाब: जब कांग्रेस गरीबों की मदद करने की बात करती है तो ये लोग रेवडियां बांटने का आरोप लगाते हैं और खुद चुनाव जीतने के लिए कुछ भी कहते हैं। इनका ट्रेक रिकॉर्ड देखते हुए लोगों का अमित शाह या भाजपा नेताओं की बातों पर भरोसा नहीं है। लोग बड़े समझदार हैं और अपने पांच साल की भविष्य की चिंता करते हैं। इसलिए कांग्रेस के गठबंधन को जिताएंगे।

सवाल: हरियाणा में वरिष्ठ नेता कुमारी शैलजा के नाराज होने की चर्चा है। इससे पार्टी को नुकसान से कैसे बचाएंगे?

जवाब: शैलजा जी हमारी वरिष्ठ नेता है, उनको लेकर बीजेपी सियासी चालें चल रही है। बीजेपी को पहले अपना अपना घर संभालना चाहिए। कांग्रेस में गुटबाजी का कोई मुद्दा नहीं है। सभी ने मिलकर टिकट बांटे और अब मिलकर चुनाव लड़ रहे हैं। प्रदेश की तमाम लीडरशिप का एकमात्र लक्ष्य जनता को 10 साल के कुशासन से निजात दिलाना है।

Updated on:
23 Sept 2024 04:13 pm
Published on:
23 Sept 2024 10:07 am
Also Read
View All

अगली खबर