
सचिन पायलट ने टोंक में बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि सदन में ERCP पर जो चर्चा हुई वो अधूरी रही। क्योंकि जो MOU साइन किया है, उसको सदन के पटल पर रखा जाना चाहिए। मै इसको सही नहीं मानता जो इतने सालों से मामला लंबित था। उसको सिर्फ लोकसभा चुनाव से पहले किसी तरह समाप्त कर जनता में जो भ्रम फैलाने का काम किया है, उससे लोगों को प्रभावित नहीं कर पाएंगे।
उन्होंने कहा कि राम मंदिर का निर्माण देश की सर्वोच्च अदालत के निर्णय के बाद हुआ है। जब सुप्रीम कोर्ट ने निर्णय दिया तो सबने उसका स्वागत किया। भगवान राम कण-कण में हैं। रोम-रोम में हैं। भगवान राम के बिना इस सृष्टि की कल्पना नहीं की जा सकती। राम किसी एक दल, समुदाय या किसी एक नेता के नहीं हैं। किसी एक देश के नहीं हैं। उन्हें सीमित कर देना और उसे राजनीतिक दृष्टिकोण से देखने को मैं गलत मानता हूं।