जयपुर

संयमित वाणी और आत्मचिंतन से सार्थक बनता है जीवन : मुनि अक्षय ऋषि

Aug 19, 2026
Rajasthan

होसपेट. आनंद दरबार में वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ होसपेट के तत्वावधान में आयोजित धार्मिक एवं प्रेरणादायी कार्यक्रम में संतों ने श्रद्धालुओं को संयम, विवेक, मधुर वाणी और आत्मचिंतन का महत्व समझाया। कार्यक्रम में आध्यात्मिकता के साथ देशभक्ति का भी सुंदर संगम देखने को मिला। जैन मुनि अक्षय ऋषि ने कहा कि जो व्यक्ति बोलने से पहले विचार करता है, वही वास्तविक अर्थों में विद्वान है। क्रोध, मान, माया और लोभ जैसे विकारों पर नियंत्रण रखते हुए वाणी का संयम आवश्यक है। उन्होंने कहा कि शब्दों का प्रभाव रिश्तों और व्यक्तित्व पर पड़ता है, इसलिए हर बात सोच-समझकर बोलनी चाहिए। जैन मुनि अमृतऋषि ने कहा कि पद के साथ अहंकार आने पर विवाद और विषाद जन्म लेते हैं। वास्तविक सुख बाहर नहीं, बल्कि मन की शांति, संतोष और सकारात्मक सोच में है। उन्होंने लोगों से स्वयं प्रसन्न रहने और दूसरों के जीवन में भी खुशियां बांटने का आह्वान किया। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर बच्चों ने स्वतंत्रता सेनानियों का रूप धारण कर आकर्षक झांकियां प्रस्तुत कीं। प्रस्तुतियों में त्याग, बलिदान और राष्ट्रप्रेम की भावना प्रभावी रूप से दिखाई दी। कार्यक्रम में वर्धमान स्थानकवासी जैन संघ के महामंत्री शांतिलाल विनायकीया ने अतिथियों और श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। आयोजन ने आध्यात्मिकता, संस्कार और राष्ट्रप्रेम का संदेश दिया। भीमसिंह राजपुरोहित ने यह जानकारी दी।

Updated on:
19 Aug 2026 12:01 pm
Published on:
19 Aug 2026 06:01 am