
मुकेश शर्मा / जयपुर। प्रदेश में एक तरफ पूरी पुलिस फोर्स पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा की तैयारियों में जुटी हुई थी। वहीं इसी दौरान शुक्रवार शाम राजस्थान पुलिस मुख्यालय में एके 47 से गोली चल गई। आस—पास के लोगों ने गोली चलने की घटना को टायर फटना समझ लिया। लेकिन गोली जिस कमांडों से चली, उसके साथियों से अधिकारियों को पता चला कि तो मामले को दबा लिया गया। एकाएक हुई इस घटना से जवानों और अधिकारियों में भी खलबली मच गई, बाद में पता चला कि सफाई करते समय गोली चली है, तो राहत की सांस ली। लेकिन मामले की गंभीरता को देखते हुए आरएसी के कमांडों को सस्पेंड कर दिया। एक जांच कमेटी भी बैठाई है।
सफाई करते समय चली गोली
यहां आमजन के लिए बने स्वागत कक्ष के ऊपर पुलिस मुख्यालय की सुरक्षा में जुटे आरएसी आर्म्ड के कमांडों का रेस्ट रूम है। रेस्ट रूम में कमांडों रघुराज अपनी एके 47 की सफाई कर रहा था। तभी अचानक गोली चल गई।
लोगों ने समझा टायर फटा
गोली चलने का तेज धमाका होने पर पुलिस मुख्यालय में मौजूद लोग सड़क पर किसी गाड़ी का टायर फटने की संभावना जताने लगे। किसी को भी यह उम्मीद नहीं थी कि पुलिस मुख्यालय जैसे सुरक्षित स्थान पर ऐसे गोली चल सकती है लेकिन पुलिसकर्मी भांप गए कि यह किसी बंदूक से गोली चली है। जांच के बाद अगले दिन कमांडों को सस्पेंड कर दिया गया।
हो सकता था बडा हादसा
पीएचक्यू में आमजनों, जवानों और अधिकारियों की काफी भीड रहती है। रेस्ट रूम के पास ही पीएचक्यू का स्वागत कक्ष भी स्थित है। ऐसे में गोली किसी को भी लग सकती थी।
गठित की कमेटी
मामले की पूरी जांच के लिए पुलिस मुख्यालय ने एक कमेटी गठित की है। जो घटना की पूरी रिपोर्ट पेश करेगी। कमेटी की प्रारम्भिक जांच में कमांडों रघुराज को दोषी मानते हुए निलंबित किया गया है।