
किसानों को खाद के लिए बुला सोसायटी प्रबंधक रहा नदारद: नाराज किसान पहुंचे एसडीएम आवास, वितरक पर लगा अवैध बिकवाली का आरोप
खाद नहीं मिलने से नाराज किसान पहुंचे एसडीएम आवास, वितरक पर लगा अवैध बिकवाली का आरोप
अनूपपुर। आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित राजेन्द्रग्रा में किसानों के लिए आवंटित खादों के किल्लत पर रविवार १५ जुलाई की सुबह आधा सैकड़ा किसानों ने एसडीएम के बालागुरू आवास पहुंचे। जहंा एसडीएम के आवास पर नहीं होने पर पुन: वापसी कर गए। किसानों का कहना था कि पिछले 10-15 दिनों से डीएपी खाद के लिए किसान भटक रहे हैं। कभी खाद की उपलब्धता नहीं होती तो कभी खाद वितरण करने वाला स्टाफ उपलब्ध नहीं होता। जबकि वर्तमान में खरीफ की बोनी का सीजन चल रहा है। क्षेत्र की पहचान मानें जाने वाली पुष्पराजगढ़ विकासखंड में धान फसल की बुवाई लगातार पिछड़ती जा रही है। वहीं राजेन्दग्राम क्षेत्र में अधिकांश जगह सिंचाई की व्यवस्था नहीं है। जिसके कारण बारिश के पानी पर निर्भरता रहती है। बुवाई का समय जैसे जैसे पिछड़ता जा रहा है, उसका असर फसल की उत्पादन में हो रहा है। ग्रामीण किसानों ने बताया कि हमें सूचना देकर आज डीएपी दिए जाने के लिए बुलाया गया था। सुबह से हम कतार में खड़े होकर 12 बजे तक अपनी बारी का इन्तजार करते रहे। बारी आना तो दूर गोदाम का ताला भी नहीं खोला गया। मजबूर होकर हम सब इसकी शिकायत एसडीएम से करने गए थे, लेकिन हम गरीब किसानों से वे भी न मिल सके। यह तो भगवान ही जाने कि वो घर पर थे या नहीं हम तो सिर्फ इतना जानते है न हमें खाद मिली और न साहब। किसानों का आरोप है कि सहकारी समितियों के माध्यम से बिकने वाले खाद ठीक उसी वक्त गोदामों में नहीं रहते, जब खाद की किसानों की आवश्यकता होती है । जबकि ये खाद सरकारी आकड़ो में साल भर गोदामो में उपलब्ध रहते है। किसान केशव प्रसाद गुप्ता ने लैम्पस प्रबंधक राजेन्दग्राम के उपर कालाबजारी करने का आरोप लगाया। किसान का कहना था कि खाद वितरण जानबूझ कर लेट किया जाता है। ताकि परेशान होकर किसान बाजार से ज्यादा रेट पर खाद लेने को मजबूर हो।
वर्सन:
यदि किसी लैम्प्स में खाद उपलब्ध नहीं है, और लोन नहीं दिया जा रहा तो इसकी जांच कराई जाएगी।
अनुग्रह पी, कलेक्टर अनूपपुर।
Published on:
16 Jul 2018 08:22 pm
