
Shahdol Amarkantak Route (शहडोल-अमरकंटक मार्ग 14 घंटे से बंद Photo Source- Input)
Anuppur News :मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले में शनिवार से जारी लगातार बारिश के बाद नदी - नाले उफान पर आ गए हैं। तेज बारिश के चलते शहडोल - अमरकंटक मुख्य मार्ग पर राजेंद्रग्राम के पास स्थित गिजरी नाले में बाढ़ आ गई है। ऐसे में मार्ग पर बीते करीब 12 घंटे से आवागमन पूरी तरह प्रभावित हो चुका है। रविवार दोपहर 02 बजे तक नाले में पानी का तेज बहाव बना हुआ है, जिसके चलते दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग हुई है। राहगीर घंटों से अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए परेशान होते नजर आ रहे हैं।
बताया जा रहा है कि, रात करीब 12 बजे से गिजरी नाले में पानी बढ़ने के बाद पुलिस और प्रशासन ने एहतियातन मार्ग पर आवागमन रोक दिया है। सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए नाले के दोनों छोर पर बैरिकेडिंग कर दी गई है। साथ ही, पुलिसकर्मियों की तैनाती भी की गई है। वाहनों को आगे जाने से रोकने के कारण बड़ी संख्या में यात्री और वाहन चालक कई घंटे तक दोनों ओर फंसे रहे। रविवार दोपहर को खबर लिखे जाने तक बाढ़ की स्थिति सामान्य न होने के कारण आवागमन शुरू नहीं किया जा सका है।
सावन का महीना होने के कारण अमरकंटक में दर्शन और पूजा - अर्चना के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। ऐसे में मुख्य मार्ग पर गिजरी नाले में बाढ़ आने से सैकड़ों यात्री प्रभावित हुए हैं। स्थानीय लोगों के साथ प्रतिदिन शहडोल, राजेंद्रग्राम और अमरकंटक के बीच आवागमन करने वाले लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
राजेंद्रग्राम थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह बरकड़े ने बताया कि लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए नाले के दोनों ओर बैरिकेड लगाए गए हैं। दोपहर 12.30 बजे तक मार्ग पर आवागमन बंद था। नाले में अभी भी बाढ़ की स्थिति बनी हुई है, इसलिए वाहनों को गुजरने की अनुमति नहीं दी जा रही है।
पुष्पराजगढ़ विधायक फुदेलाल सिंह ने गिजरी नाले पर बने पुल को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि, एमपीआरडीसी का ये पुल काफी नीचा है। थोड़ी सी तेज बारिश होते ही पुल के ऊपर पानी आ जाता है और आवागमन बंद करना पड़ता है। अमरकंटक राष्ट्रीय स्तर का प्रमुख पर्यटन एवं धार्मिक स्थल है, इसलिए यहां आने-जाने वाले यात्रियों की सुरक्षा को देखते हुए लंबे समय से नए पुल के निर्माण की मांग की जा रही है।
विधायक ने कहा कि वे कई वर्षों से एमपीआरडीसी के अधिकारियों से पत्राचार कर पुराने पुल की जगह नया पुल बनाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस दिशा में ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उनकी उम्र 60 वर्ष से अधिक हो चुकी है और जब से उन्होंने इस मार्ग को देखा है, तब से इसी पुल से आवागमन हो रहा है। उनके अनुसार पुल कई दशक पुराना हो चुका है और अब इसकी जगह ऊंचे एवं सुरक्षित पुल का निर्माण जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते पुल का निर्माण नहीं कराया गया तो भविष्य में किसी गंभीर दुर्घटना के बाद ही शासन-प्रशासन जागेगा।
Updated on:
16 Aug 2026 02:15 pm
Published on:
16 Aug 2026 02:15 pm
