
Farmer Climbs Tree Over Land Demarcation Dispute, पेड़ पर चढ़ा किसान, देता रहा आत्महत्या की धमकी (Source- patrika)
Anuppur Farmer Tree Protest: मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतवाली थाना क्षेत्र के छीरापटपर गांव में बुधवार दोपहर जमीन सीमांकन को लेकर एक किसान ने हाई-वोल्टेज ड्रामा कर दिया। किसान अपनी जमीन पर लगे आम के पेड़ पर चढ़ गया और सीमांकन नहीं होने पर फांसी लगाकर आत्महत्या करने की धमकी देने लगा। सूचना मिलते ही राजस्व और पुलिस अमला मौके पर पहुंचा। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद राजस्व अधिकारियों ने मौके पर जमीन का सीमांकन किया, जिसके बाद किसान पेड़ से नीचे उतर आया।
कोतवाली थाना से लगभग 13 किलोमीटर दूर स्थित छीरापटपर गांव में रहने वाले भगवान दास गोंड, निवासी डोंगरीटोला सकरा, की करीब चार एकड़ कृषि भूमि को लेकर विवाद है। इस जमीन से संबंधित मामला वर्तमान में हाईकोर्ट जबलपुर में विचाराधीन है। इसके बावजूद किसान का कहना था कि उसकी जमीन पर दूसरे पक्ष द्वारा खेती की जा रही है, इसलिए तत्काल सीमांकन कराया जाए।
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किसान ने मंगलवार को आयोजित साप्ताहिक जनसुनवाई में भी सीमांकन कराने की मांग करते हुए आवेदन दिया था और कार्रवाई नहीं होने पर आत्महत्या करने की चेतावनी दी थी। चूंकि मामला न्यायालय में लंबित है, इसलिए अधिकारियों ने उसे समझाकर वापस भेज दिया था। बुधवार दोपहर किसान फिर अपनी जमीन पर पहुंचा और आम के पेड़ पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने लगा। सूचना मिलने पर एसडीएम प्राशी अग्रवाल के निर्देशन में तहसीलदार वेद प्रकाश सिंह, नायब तहसीलदार गणेश पनिका तथा कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने काफी देर तक किसान को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह पहले सीमांकन कराने की मांग पर अड़ा रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए राजस्व टीम ने मौके पर जमीन का सीमांकन कराया। इसके बाद किसान पेड़ से नीचे उतर आया, जिससे प्रशासन और पुलिस ने राहत की सांस ली।
कोतवाली थाना प्रभारी सविता लाकड़ा ने बताया कि किसान भगवान दास गोंड की जमीन को लेकर विवाद न्यायालय में लंबित है। घटना की सूचना मिलने पर राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम तत्काल मौके पर पहुंची। समझाइश और आवश्यक कार्रवाई के बाद किसान सुरक्षित पेड़ से नीचे उतर आया। वहीं एसडीएम अनूपपुर प्राशी अग्रवाल ने बताया कि सूचना मिलते ही राजस्व की टीम मौके पर पहुंची और सीमांकन की प्रक्रिया पूरी कर किसान को समझाया गया। भूमि विवाद का अंतिम निर्णय न्यायालय के अधीन है।
Updated on:
22 Jul 2026 08:32 pm
Published on:
22 Jul 2026 08:32 pm
