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ग्रेनाइट खदान हादसा: एक साथ ‘2 डेडबॉडी’ के पहुंचते ही बिलख उठा पूरा गांव, अनूपपुर में मची चीखपुकार

Accidents in granite quarry: मुआवजे के आश्वासन पर हुआ अंतिम संस्कार, चौथे दिन गृहग्राम पहुंचे कर्नाटक हादसे के दोनों श्रमिकों के शव
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Karnataka Granite Mine Accident: गांव पहुंचे शव Photo Source - Patrika)

Karnataka Granite Mine Accident: गांव पहुंचे शव Photo Source - Patrika)

Karnataka Granite Mine Accident: कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित मदापट्टना ग्रेनाइट खदान में 2 जुलाई को चट्टान धंसने से जान गंवाने वाले एमपी में अनूपपुर जिले के दो श्रमिकों के पार्थिव शरीर हादसे के चौथे दिन रविवार सुबह उनके गृहग्राम पहुंचे। शवों के पहुंचते ही गांव में शोक की लहर दौड़ गई और अंतिम दर्शन के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण उमड़ पड़े। हर जगह चीख पुकार मच गई। शव पहुंचने पर मृतकों के परिजनों ने मुआवजा राशि और आवश्यक दस्तावेज नहीं मिलने का हवाला देते हुए प्रारंभ में पार्थिव शरीर लेने से इनकार कर दिया।

इसके बाद मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों ने परिजनों से चर्चा कर उन्हें शासन की ओर से मिलने वाली आर्थिक सहायता और अन्य मुआवजा जल्द दिलाने का आश्वासन दिया। अधिकारियों की समझाइश के बाद परिजन शव लेने के लिए तैयार हुए और प्रशासन की मौजूदगी में धार्मिक रीति-रिवाजों के साथ दोनों श्रमिकों का अंतिम संस्कार किया गया।

रायपुर से एंबुलेंस के जरिए पहुंचे गृहग्राम

जैतहरी एसडीएम टीआर नाग और तहसीलदार रमाकांत तिवारी ने बताया कि कर्नाटक सरकार ने दोनों श्रमिकों के पार्थिव शरीर एयर एंबुलेंस से बेंगलुरु से रायपुर भिजवाए थे। इसके बाद एंबुलेंस से उन्हें उनके गृहग्राम पहुंचाया गया। मृतक राजेश कुमार चौधरी का शव रविवार सुबह करीब 6 बजे ग्राम पंचायत सिंधौरा (वेंकटनगर) पहुंचा, जबकि भुवनेश्वर सिंह गोंड का पार्थिव शरीर सुबह करीब 7 बजे ग्राम पंचायत सेमरवार पहुंचा। परिजनों को शव सौंपने के बाद अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई गई।

मुआवजा और मृत्यु प्रमाण पत्र की उठाई मांग

परिजनों ने प्रशासन के समक्ष शिकायत की कि अभी तक उन्हें न तो मुआवजा राशि मिली है और न ही मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया गया है। उनका कहना था कि मृत्यु प्रमाण पत्र के अभाव में आगे की कानूनी और शासकीय प्रक्रियाएं पूरी करने में परेशानी होगी।

साथ ही मृतक परिवार के मुख्य कमाऊ सदस्य थे, इसलिए आर्थिक संकट भी गहरा गया है। इस पर अधिकारियों ने आश्वस्त किया कि मध्यप्रदेश शासन की संबल योजना के तहत 4 लाख रुपये, कर्नाटक सरकार की ओर से 5 लाख रुपये तथा ग्रेनाइट खदान संचालक कंपनी की ओर से 5 लाख रुपये की सहायता राशि नियमानुसार जल्द उपलब्ध कराई जाएगी। प्रशासन ने भरोसा दिलाया कि मुआवजा और अन्य औपचारिकताओं की प्रक्रिया शीघ्र पूरी कराई जाएगी।

हादसे में गई थी सात श्रमिकों की जान

2 जुलाई को कर्नाटक के बेंगलुरु स्थित मदापट्टना ग्रेनाइट खदान में लगभग 40 फीट ऊंचाई से विशाल चट्टान गिरने से बड़ा हादसा हुआ था। इस दुर्घटना में 7 श्रमिकों की मौत हो गई थी, जबकि 5 अन्य घायल हुए थे। मृतकों में अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत जैतहरी अंतर्गत ग्राम पंचायत सेमरवार निवासी 36 वर्षीय भुवनेश्वर सिंह गोंड और ग्राम पंचायत सिंधौरा निवासी 22 वर्षीय राजेश कुमार चौधरी शामिल थे। वहीं घायलों में छोटेलाल (निवासी पंडरी) और गुलाब सिंह (निवासी तितरी पोंडी) भी शामिल हैं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।