Auspicious Time For Foundation Bhoomi Poojan ज्योतिषाचार्य पंडित जीके मिश्र बताते हैं कि शिलान्यास, भूमि पूजन या नींव रखने के लिए इस योग को श्रेष्ठ समय माना गया है। किसी भवन की नींव रखना हो या शिलान्यास, भूमि पूजन करना हो तो इस योग में बेहिचक ये काम कर सकते हैं। खास बात यह है कि 8 जनवरी 2021 यानि शुक्रवार को भी यह योग बन रहा हैैं।
जयपुर. ज्योतिष में अनेक योगों का उल्लेख किया गया है जिनमें घृतिमान योग भी एक है। इसे घृति या धृति योग भी कहते हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित नरेंद्र नागर के अनुसार इस योग के स्वामी शनिदेव हैं। इस योग में जन्म लेनेवाले जातक अंदर से बहुत बेचैन और परेशान रहते हैं पर बाहर बेहद धैर्यवान रहते हैं। ऐसे लोग जन्म के बाद ही सर्दी-जुकाम आदि रोगों से परेशान रहते हैं।
जिंदगी का पहला हिस्सा प्रायः यूं ही कटता है, उम्र के दूसरे भाग में दूसरों की सेवा करने के बाद ही इन्हें ठीक-ठाक आजीविका मिल पाती है। ऐसे जातकों की घूमने की इच्छा प्रबल होती है। यही कारण है कि ये लोग अक्सर कामकाज छोडकर भी बैठ जाते हैं। इन लोगों को कभी-कभी अचानक दौरा सा पडता है और ये सबकुछ छोड देते हैं. ऐसे लोग अक्सर झूठ बोलते हैं और नीच लोगों की संगति करते हैं।
इन जातकों को काला रंग बहुत पसंद होता है। ये आमतौर पर छोटे से मकान में रहते हैं। खुद का घर नहीं बना पाते। इन लोगों का जीवनसाथी बहुत गुस्सैल होता है। ऐसे लोगों की माता की मृत्यु प्रायः लंबी बीमारी के बाद होती है। धृति योग में जन्म लेने वाले व्यक्ति विपरीत यौन संबंधों के प्रति झुकाव रखते हैं। निर्णय लेने में कुशल होते हैं। ज्योतिष ग्रंथों में इस योग की अन्य अनेक विशेषताएं भी बताई गई हैं।
ज्योतिषाचार्य पंडित जीके मिश्र बताते हैं कि शिलान्यास, भूमि पूजन या नींव रखने के लिए घृति योग को श्रेष्ठ समय माना गया है। किसी भवन की नींव रखना हो या शिलान्यास, भूमि पूजन करना हो तो इस योग में बेहिचक ये काम कर सकते हैं। खास बात यह है कि 8 जनवरी 2021 यानि शुक्रवार को भी यह योग बन रहा हैैं। शुक्रवार शाम 6 -10 मिनट तक धृति योग रहेगा। इसके बाद शूल योग प्रारंभ होगा।