जयपुर

बेमियादी अनशन का 12वां दिन, ICU में छात्र नेता शुभम रेवाड़ की हालत नाजुक- ऑर्गन फेलियर की आशंका, सवाल- ‘आखिर कब होगा संवाद?’

Rajasthan University Protest : जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती छात्र नेता शुभम रेवाड़ के अनशन का 12वां दिन! ऑर्गन फेलियर का बढ़ा खतरा, कीटोन्स खतरनाक स्तर पर। जानिए छात्रसंघ चुनाव और राजस्थानी भाषा विभाग की मांग पर क्या है ताजा स्थिति।
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Updated: 3 Aug 2026, 3:15 PM IST
Shubham Rewar Hunger Strike 12th Day ICU Condition Critical Rajasthan Student Union Election 2026
Shubham Rewar Hunger Strike - File PIC

राजस्थान में छात्रसंघ चुनाव बहाल करने और राजस्थान विश्वविद्यालय में नियमित राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना की मांग को लेकर छिड़ा छात्र आंदोलन अब बेहद नाजुक मोड़ पर पहुंच गया है। आंदोलन की अगुवाई कर रहे छात्र नेता शुभम रेवाड़ के आमरण अनशन का आज सोमवार को 12वां दिन है। जयपुर के सवाई मानसिंह अस्पताल के आईसीयू में भर्ती होने के बावजूद शुभम रेवाड़ का अनशन लगातार जारी है। लगातार 12 दिनों से अन्न-जल त्यागने के कारण उनकी शारीरिक स्थिति अत्यंत चिंताजनक हो गई है, जिसको लेकर मेडिकल टीम ने गंभीर चेतावनी जारी की है।

खतरनाक सीमा पर 'कीटोन्स', ऑर्गन फेलियर का खतरा

एसएमएस अस्पताल के वरिष्ठ डॉक्टरों की टीम शुभम रेवाड़ के स्वास्थ्य की चौबीसों घंटे निगरानी कर रही है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार शरीर में लंबे समय से भोजन न पहुंचने की वजह से कीटोन्स का स्तर खतरनाक सीमा को पार कर गया है। मेडिकल जांच में अंदरूनी अंगों के प्रभावित होने के लक्षण दिखे हैं।

डॉक्टर्स भी मान रहे हैं कि कि यदि अनशन जल्द समाप्त नहीं कराया गया तो किडनी फेलियर समेत अन्य ऑर्गन फेलियर का गंभीर खतरा पैदा हो जाएगा। चिकित्सकों ने प्रशासन और राज्य सरकार से तुरंत हस्तक्षेप कर अनशन समाप्त कराने की सख्त अपील की है।

ICU में भी अनशन जारी

राजस्थान विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर धरना दे रहे शुभम रेवाड़ को पुलिस और जिला प्रशासन ने स्वास्थ्य बिगड़ने का हवाला देते हुए जबरन उठाकर एसएमएस अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल के बेड और आईसीयू में होने के बावजूद शुभम ने साफ कर दिया है कि जब तक सरकार छात्रसंघ चुनाव कराने और राजस्थानी भाषा विभाग की स्थापना के लिखित आदेश जारी नहीं करती, तब तक उनका आमरण अनशन खत्म नहीं होगा।

'सरकार चेती नहीं तो बढ़ेगा आक्रोश': विपक्ष

छात्र नेता की बिगड़ती हालत को देखते हुए सूबे में सियासी और सामाजिक पारा चढ़ गया है। कांग्रेस विधायक मुकेश भाकर ने सरकार की संवेदनहीनता पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी कि अगर सरकार ने समय रहते छात्रों से वार्ता कर गतिरोध दूर नहीं किया, तो पूरे प्रदेश के युवाओं का आक्रोश सड़कों पर फूटेगा।

सोशल मीडिया पर उठी आवाज

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी सरकार के खिलाफ मुहीम तेज हो गई है। लोग लगातार पोस्ट लिखकर अपील कर रहे हैं- "राजस्थान विश्वविद्यालय के छात्र नेता भाई शुभम रेवाड़ पिछले 12 दिनों से आमरण अनशन पर हैं। सरकार से निवेदन है कि उनके गिरते स्वास्थ्य को गंभीरता से लेते हुए जायज मांगों पर शीघ्र फैसला ले।"

सरकार के रुख पर टिकी नजरें

शुभम रेवाड़ की गंभीर स्थिति और छात्रों के भारी विरोध प्रदर्शन की आशंका को देखते हुए एसएमएस अस्पताल परिसर और राजस्थान विश्वविद्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। छात्र संगठनों का आरोप है कि सरकार मांगों पर बातचीत करने के बजाय आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रही है। अब सभी की नजरें राज्य सरकार के रुख पर टिकी हैं कि क्या सरकार युवाओं की मांगों पर कोई वार्ता की पहल करती है या नहीं।

Updated on:
3 Aug 2026, 3:15 PM IST
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