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Rajasthan : राजस्थान के लिए अच्छी खबर, 10 जिलों में है ‘चिप’ बनाने वाली कीमती रेत-सिलिका का खजाना

Rajasthan : राजस्थान में खजाना छिपा है। चिप निर्माण में प्रयोग होने वाली उच्च गुणवत्ता वाली सिलिका रेत भारत के राजस्थान सहित 9 राज्यों में मिलती है। राजस्थान के 10 जिलों में ये रेत-सिलिका पाई जाती है। इससे लाखों लोगों को रोजगार मिलने और अरबों के निवेश होने की संभावना है।
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rajasthan hidden treasure 10 districts found chip making sand and silica

Rajasthan : एआइ से बनाई गई फोटो।

Rajasthan : दिल्ली में सेमीकॉम इंडिया 2026 का आयोजन हो रहा है। भारत का उद्देश्य चिप के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनना है। चिप निर्माण के लिए भारत अभी दूसरे देशों से भरपूर मात्रा में रेत-सिलिका आयात करता है। पर राजस्थान इसमें अहम भूमिका निभा सकता है। दरअसल, अभी चिप बनाने के लिए जो अत्यधिक उच्च गुणवत्ता वाले सिलिकान को निकालने वाली रेत है, वो केवल 9 राज्यों में पाई गई है। इसमें राजस्थान शामिल है। इसलिए राजस्थान सेमीकंडक्टर क्षेत्र का बड़ा हब बन सकता है। यहां पर इस क्षेत्र में बड़े विदेशी निवेश की भी संभावना बनती है। इससे लाखों रोजगार और अरबों के निवेश होने की संभावना है। अभी चीन, ताइवान, जापान, दक्षिण कोरिया, अमेरिका और सिंगापुर से सिलिका आयात होती है।

यहां सिलिका रेत और क्वार्ट्ज मिलता है

राज्य - खनिज
राजस्थान सिलिका रेत, क्वार्ट्ज
गुजरात सिलिका रेत, क्वार्ट्ज
आंध्र प्रदेश सिलिका रेत, क्वार्ट्ज
हरियाणा सिलिका रेत
महाराष्ट्र सिलिका रेत, क्वार्ट्ज
कर्नाटक सिलिका रेत, क्वार्ट्ज
तमिलनाडु सिलिका रेत, क्वार्ट्ज
उत्तर प्रदेश सिलिका रेत
केरल सिलिका रेत

पांच यूनिटें तैयार

देश में सेमीकंडक्टर निर्माण की पांच यूनिटें बनकर उत्पादन के चरण में हैं।

मध्यप्रदेश के ऐसे हाल

दूसरी ओर मध्यप्रदेश में भी सेमी कंडक्टर सेक्टर पर काम हो रहा है। 6200 करोड़ रुपए की परियोजना घोषित हो चुकी है। आईटी पार्क में भी प्रावधान हो रहे हैं।

यूं जाने कैसे रेत से बनती है चिप : क्या है अतिशुद्ध सिलिका

सबसे पहले सिलिका वाली रेत को निकाला जाता है। फिर रेत से शुद्ध सिलिका को अलग करके कार्बन रासायनिक प्रक्रिया के जरिए सिलिकान बनाया जाता है। इसे पॉलीसिलिकान में बदला जाता है, फिर छड़ में बदलकर गोल स्लाइस या वेफर बनाते हैं। इस पर फोटोलियोग्राफी, एचिंग डोपिंग सहित अन्य प्रक्रिया के जरिए परतों को चढ़ाया जाता है। यह प्रक्रिया 100 से 1000 से ज्यादा बार चलती है। फिर आयातकार टुकड़ों में पैकेजिंग होती है।

राजस्थान में कहां है रेत-सिलिका

अभी राजस्थान के अजमेर, उदयपुर, भीलवाड़ा, अलवर, जोधपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, बूंदी, कोटा और कोटपूतली में सिलिका क्षमता वाली रेत अवशेष खनन में मिली है। लेकिन, केवल इस रेत से काम पूरा नहीं होता है। इस रेत को लंबी परीक्षण व शुद्धता प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यह पूरी चेन है, जिसे भारत में विकसित करने पर काम चल रहा है।

राजस्थान में रेत संसाधन

राज्य में करीब 332.46 मिलियन टन सिलिका रेत का संसाधन आंका गया है। जयपुर के झीर-खोरी-निमोरा क्षेत्र में करीब 8 मिलियन टन संसाधन और लगभग 97.9 फीसदी शुद्धता वाली सिलिका रेत का उल्लेख हैं। भिवाड़ी में सेमीकंडक्टर इकाई का मई 2026 में उद्घाटन हुआ था। वहीं जोधपुर-पाली-मारवाड़ और कांकड़ी में भी काम होगा। अभी चिप निर्माण के क्षेत्र में गुजरात, तमिलनाडु और आंध्र इस मामले में बेहतर काम कर रहे हैं।