अभी राजस्थान के अजमेर, उदयपुर, भीलवाड़ा, अलवर, जोधपुर, राजसमंद, चित्तौड़गढ़, बूंदी, कोटा और कोटपूतली में सिलिका क्षमता वाली रेत अवशेष खनन में मिली है। लेकिन, केवल इस रेत से काम पूरा नहीं होता है। इस रेत को लंबी परीक्षण व शुद्धता प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। यह पूरी चेन है, जिसे भारत में विकसित करने पर काम चल रहा है।