जयपुर

Silver Price Crash: चांदी के दाम रिकॉर्ड कीमत से 1.75 लाख गिरे, राजस्थान में बदला खरीदारी का रिवाज

Today Gold-Silver Price: आम बजट के बाद भले ही सोना-चांदी को लेकर कोई बड़ी घोषणा नहीं हुई, लेकिन कमोडिटी बाजार में दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है।

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Feb 02, 2026
फाइल फोटो

Gold-Silver Price जयपुर। आम बजट में कीमती धातुओं सोना-चांदी को लेकर कोई बड़ी या सीधी घोषणा भले ही नहीं हुई हो, लेकिन इसके बाद कमोडिटी मार्केट में दोनों की कीमतों में तेज गिरावट दर्ज की गई है। 2 फरवरी को एमसीएक्स पर चांदी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर से करीब 1.75 लाख रुपए तक फिसल गई, वहीं सोने के दाम भी गिरकर लगभग 1.43 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर आ गए। यह गिरावट डॉलर की मजबूती और निवेशकों की ओर से मुनाफावसूली के कारण देखी जा रही है।

वहीं दूसरी ओर राजस्थान में भी पिछले कुछ दिनों से सोने और चांदी की कीमतों में भारी गिरावट देखने को मिल रही है। अचानक आई इस गिरावट से निवेशक और आम लोग हैरान हैं। चांदी की चमक के साथ राजस्थान में शादी-ब्याह और मांगलिक अवसरों पर सोना-चांदी गिफ्ट करने की परंपरा भी अब धीरे-धीरे इतिहास बनती जा रही है। बीते पांच वर्षों में सोना और चांदी इतने महंगे हो चुके हैं कि मध्यम वर्ग के लिए गहनों का गिफ्ट देना अब रिवाज नहीं, बल्कि चुनौती बन गया है। नतीजतन गहनों की जगह नकदी के लिफाफों का चलन तेजी से बढ़ा है।

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तीन भरी की पायजेब भी अब जेब पर भारी

शादियों में कभी सबसे ज्यादा मांग तीन भरी की पायजेब की होती थी। डिजाइन भी आकर्षक और कीमत भी काबू में रहती थी। वर्ष 2021-22 में चांदी की कीमत 60 से 70 हजार रुपए प्रति किलोग्राम थी और तीन भरी की पायजेब करीब 2100 रुपए में मिल जाती थी। अब 2026 में वही पायजेब 7500 रुपए तक पहुंच गई है। नतीजा यह रहा कि गहनों का गिफ्ट लोगों की प्राथमिकता से बाहर होता जा रहा है।

सोने का गिफ्ट तो और दूर हुआ

अब सोने की बात करें तो दो ग्राम सोने का छोटा सा गिफ्ट, जो चार साल पहले 11 हजार रुपए में मिल जाता था, आज 30 हजार रुपए तक पहुंच गया है। टॉप्स, बालियां, अंगूठी और ‘तिनका’ जैसे छोटे गिफ्ट भी अब कम ही नजर आते हैं। ये गिफ्ट भी धीरे-धीरे निम्न और मध्यम वर्ग की पहुंच से बाहर होते जा रहे हैं।

व्यापारी बोले: गिफ्ट देना ही बंद हो गया

बीकानेर के सर्राफा व्यापारी रेवंतराम जाखड़ का कहना है कि भावों में जबरदस्त उछाल के कारण गहनों का गिफ्ट लगभग बंद हो गया है। सबसे ज्यादा असर मध्यम वर्ग पर पड़ा है। पहले शादी के सीजन में पायजेब और चांदी के गिलास की जमकर बिक्री होती थी, लेकिन अब लोग केवल हल्के वजन के आइटम या नकदी देना पसंद कर रहे हैं।

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केस 1: जहां पहले पायजेब थीं, अब लिफाफे हैं

चार साल पहले सोनू (बदला हुआ नाम) की शादी में परिचितों ने चांदी की दस पायजेब और गिलास गिफ्ट किए थे। हाल ही में उसकी बहन मोनू की शादी में वही परिचित नकद राशि के लिफाफे देते नजर आए। पायजेब तक कोई नहीं लाया।

केस 2: चार साल में 15 से 1 पर आ गई पायजेब

कोमल की शादी देवउठनी एकादशी पर हुई। जब गिफ्ट खोले गए तो केवल एक पायजेब निकली, जबकि वर्ष 2021 में उसके भाई की शादी में 15 पायजेब और चांदी के कई अन्य आइटम मिले थे।

केस 3: संस्कारों में भी बदला ट्रेंड

रमेश के यज्ञोपवीत संस्कार में तीन साल पहले चांदी की छड़ी और प्याले गिफ्ट में मिले थे, लेकिन जब बहन की शादी हुई तो चांदी के गिफ्ट नदारद रहे। सिर्फ नकदी ही लिफाफों में नजर आई।

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