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बीकानेर। पश्चिमी राजस्थान में खेजड़ी की अंधाधुंध कटाई के खिलाफ सोमवार को बीकानेर के पॉलीटेक्निक कॉलेज मैदान में जनआक्रोश फूट पड़ा। श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, जैसलमेर, फलोदी, बाड़मेर और जोधपुर से पहुंचे हजारों पर्यावरण प्रेमियों, संत समाज, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक संगठनों ने ‘प्रकृति बचाओ महापड़ाव’ में सरकार के खिलाफ निर्णायक संघर्ष का ऐलान कर दिया। दिनभर चली सभा में वक्ताओं ने सोलर प्लांट के नाम पर धार्मिक आस्था के प्रतीक खेजड़ी वृक्ष की कटाई को ‘विकास के नाम पर विनाश’ करार दिया और सरकार पर जनभावनाओं की अनदेखी का आरोप लगाया।
पर्यावरण संघर्ष समिति के बैनर तले आयोजित सभा में शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी, संगरिया विधायक अभिमन्यु पूनिया, मुकाम पीठाधीश्वर रामानंद आचार्य, लालसर धाम के स्वामी सच्चिदानंद आचार्य, भागीरथदास शास्त्री, डॉ. गोवर्धनराम आचार्य, परसमराम बिश्नोई, पूर्व मंत्री गोविन्दराम मेघवाल, पूर्व विधायक महेन्द्र बिश्नोई और पोकरण विधायक प्रतापपुरी सहित कई प्रमुख नेताओं ने कहा “खेजड़ी कल्पवृक्ष है, लेकिन सोलर कंपनियों के लिए अब तक 28 लाख पेड़ काटे जा चुके हैं। डेढ़ साल के आंदोलन के बावजूद न कटाई रुकी, न दोषियों पर कार्रवाई हुई।”
मुकाम पीठाधीश्वर रामानंद आचार्य ने दो टूक कहा कि यह एक दिन का प्रदर्शन नहीं है। उन्होंने चेतावनी दी जब तक बजट सत्र में खेजड़ी संरक्षण का सख्त कानून नहीं बनता, महापड़ाव जारी रहेगा। सरकार ने आश्वासन नहीं दिया तो आमरण अनशन शुरू होगा।
आंदोलन को लंबा चलाने की तैयारी के तहत मैदान में भोजन और विश्राम की व्यवस्था की गई। हाथों में तख्तियां लिए लोग लगातार नारे लगाते रहे ‘मां अमृतादेवी अमर रहे’, ‘खेजड़ी बचाओ-पर्यावरण बचाओ’, ‘पेड़ बचाओ-जीवन बचाओ’, ‘विकास के नाम पर विनाश नहीं’।
करणी सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष महीपाल सिंह मकराना ने आरोप लगाया कि सोलर कंपनियों में सत्ता से जुड़े लोग हिस्सेदार हैं। उन्होंने कहा, खेजड़ी के लिए अगर जयपुर की सड़कों पर उतरना पड़ा, तो सबसे आगे रहूंगा।
भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष बिहारीलाल बिश्नोई और विधायक प्रतापपुरी ने मुख्यमंत्री की ओर से सख्त कानून का भरोसा दिलाया। इस पर मंच से स्पष्ट कहा गया मौजूदा विधानसभा सत्र में ही बिल लाया जाए। कानून बनने तक एक भी खेजड़ी नहीं काटी जाए।
विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने आंदोलन की ताकत का जिक्र करते हुए कहा खेजड़ी बचाने को उमड़ी यह भीड़ जयपुर और दिल्ली की बिछणी छुड़ा देगी। यह पक्ष-विपक्ष का नहीं, पर्यावरण का सवाल है। उन्होंने अमृतादेवी ट्री प्रोटेक्शन बिल-2025 का हवाला देते हुए पेड़ कटाई पर सजा और जुर्माने दोनों का प्रावधान जरूरी बताया।
आंदोलन के समर्थन में सोमवार को बीकानेर के बाजार पूरी तरह बंद रहे। केईएम रोड सहित प्रमुख बाजारों में दुकानें नहीं खुलीं। निजी स्कूलों में अवकाश घोषित किया गया, वहीं शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में आधे दिन की छुट्टी के आदेश जारी किए।
Updated on:
02 Feb 2026 07:35 pm
Published on:
02 Feb 2026 04:19 pm
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