
Jaipur Eye Donation Fraud Case: ढाई साल पहले 10 साल के बच्चे की आंखें परिजनों की अनुमति के बिना निकालने का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि परिचित ने मौत के बाद भी डॉक्टर को चेक करवाने के बहाने जयपुर बुला लिया और उसकी आंखें निकालकर बेच दी।
बात करने पर मामला कोर्ट में होने की कहकर वह उसे टरकाता रहा। अब पिता ने एसएमएस थाने में मानव अंग और ऊतक प्रतिरोपण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई है।
पुलिस ने बताया कि टोडाभीम निवासी किरोड़ीलाल मीना 6 साल के बेटे समर मीना (10) खेलते समय गिरने से सिर में चोट लग गई थी। परिजन उसे SMS लेकर आ रहे थे इसी दौरान रास्ते में उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान गांव के ही एक परिचित मदनमोहन ने बेटे के जिंदा होने की कहकर जयपुर बुला लिया और उसकी आंखों का सौदा कर दिया। समर का अंतिम संस्कार करते समय देखा कि समर की दोनों आंखें नहीं थीं।
समर की आंखें दान कर दी थी। इसके लिए सर्टिफिकेट और प्रशंसा पत्र लेने की बात सामने आई है। इस मामले में मृतक बच्चे के पिता किरोडीलाल को बुलाकर जानकारी जुटाई जाएगी।
जांच अधिकारी एएसआई सूरजमल