
रामेश्वर डूडी। फोटो: सोशल
बीकानेर। वरिष्ठ कांग्रेसी और पूर्व नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूडी का शुक्रवार देर रात तकरीबन एक बजे निधन हो गया। वे अगस्त 2023 में ब्रेन हैमरेज होने के बाद से कोमा में चल रहे थे। उन्हें पहले जयपुर ले जाया गया, जहां से बेहतर इलाज के लिए दिल्ली ले जाया गया था। कुछ दिन पहले ही डूडी को दिल्ली से बीकानेर लाया गया था। तब से उनकी हालत स्थिर थी।
62 वर्ष की उम्र में रामेश्वर डूडी ने शुक्रवार देर रात घर पर ही आखिरी सांस ली। रामेश्वर डूडी मूलत: नोखा के रायसर गांव के रहने वाले थे। वर्तमान में उनकी पत्नी सुशीला डूडी नोखा से विधायक हैं।
पश्चिमी राजस्थान के किसानों की बुलंद आवाज रहे डूडी राजनीतिक जीवन में पंचायत समिति प्रधान, जिला प्रमुख, विधायक और सांसद के साथ विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष भी रहे। भतीजे अतुल डूडी ने बताया कि अंत्येष्टि बीकानेर में शनिवार दोपहर बाद एक बजे जाट बगीची में होगी।
2023 से कोमा मेंथे
अगस्त, 2023 में डूडी को ब्रेन हैमरेज हुआ था, तब से वे कोमा में थे। उनका इलाज पहले जयपुर में चल रहा था और बाद में उन्हें बेहतर उपचार के लिए दिल्ली ले जाया गया। तबीयत में कोई सुधार न होते देख हाल ही में उनके परिजन उन्हें बीकानेर वापस लेकर आए थे। यहां बीकानेर के वैध मघारम कॉलोनी में उनके निवास पर उनके लिए बाकायदा एक आईसीयू वार्ड तैयार किया गया, जहां डॉक्टरों की देखरेख में उनका इलाज चल रहा था।
इस बीच शुक्रवार रात उनकी तबीयत बिगड़ी और रात करीब 1 बजे उन्होंने आखिरी सांस ली। रामेश्वर डूडी के निधन की परिजनों ने पुष्टि की है। डूडी का इतनी कम उम्र में चले जाना राजस्थान की राजनीति के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। बीकानेर सहित प्रदेश भर में उनके समर्थक और राजनीतिक साथी उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त कर रहे हैं।
निधन पर जताया शोक
रामेश्वर डूडी के निधन की खबर मिलते ही शोक संवेदनाओं का सिलसिला शुरू हो गया। केन्द्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल, देहात भाजपा जिलाध्यक्ष श्याम सुन्दर पंचारिया, कांग्रेस जिलाध्यक्ष बिश्नाराम सियाग, भाजपा नेता बिहारीलाल बिश्नोई, शशिकांत शर्मा, अशोक भाटी ने रामेश्वर डूडी के निधन पर गहरा शोक जताया। सभी ने कहा कि हमने एक सशक्त नेता खो दिया।
Updated on:
04 Oct 2025 07:11 am
Published on:
04 Oct 2025 03:44 am
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