
टीम के साथ मितेश खत्री (फोटो: पत्रिका)
Success Story Of Young Entrepreneur Mitesh Khatri: कोरोनाकाल में जब आमजन तक जरूरी सामान पहुंचाना भी चुनौती बन गया था, तब बीकानेर के युवा उद्यमी मितेश खत्री ने इस संकट को अवसर में बदल दिया। लाखों रुपए की सॉफ्टवेयर इंजीनियर की नौकरी छोड़कर उन्होंने ऐसा स्टार्टअप शुरू किया, जो न केवल ग्राहकों की जरूरत बना, बल्कि सैकड़ों लोगों के लिए रोजगार का साधन भी साबित हुआ।
साल 2023 में शुरू किए गए इस स्टार्टअप का उद्देश्य साफ था। घर बैठे आर्ट एंड क्राफ्ट, गिफ्ट आइटम और हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार करने वाली महिलाओं और छोटे वेंडरों को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराना, ताकि वे बिना दुकान या बड़े निवेश के अपने उत्पाद बेच सकें।
मितेश बताते हैं कि उन्होंने 2018 में नौकरी छोड़कर सॉफ्टवेयर कंपनी शुरू की थी। इसी दौरान पिता का निधन हो गया, जिससे परिवार और जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ गया। सीमित संसाधनों में घर और व्यवसाय दोनों को संभालना आसान नहीं था। फिर कोरोना महामारी ने हालात और कठिन कर दिए। लेकिन लॉकडाउन के दौरान छोटे वेंडरों की परेशानियों को देखकर उन्होंने ऑनलाइन व्यापार शुरू करने का फैसला लिया।
शुरुआती दौर में केवल दो-चार स्थानीय वेंडर जुड़े। लोगों को व्यापार का मॉडल समझाना, उत्पादों पर भरोसा दिलाना और नेटवर्क बनाना सबसे बड़ी चुनौती रही। धीरे-धीरे मेहनत रंग लाई और आज यह स्टार्टअप देश के कई राज्यों तक फैल चुका है।
अब इस प्लेटफॉर्म से बीकानेर के साथ दिल्ली, कोलकाता, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, सूरत, मुंबई और असम सहित कई राज्यों के वेंडर जुड़े हुए हैं। खास बात यह है कि 100 से अधिक महिलाएं घर बैठे इस स्टार्टअप से जुड़कर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। वर्तमान में 10 हजार से अधिक ग्राहकों तक नियमित रूप से डिलीवरी की जा रही है।
100 से अधिक महिलाएं जुड़ी
150 से ज्यादा वेंडर नेटवर्क
40 लाख रुपए का टर्नओवर फिलहाल
2023 में की शुरुआत
10 हजार से अधिक ग्राहक आधार
Published on:
02 Jan 2026 01:08 pm
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