जयपुर

एसएमएस अस्पताल के हालात: बीमार हो रहे हैं तो अस्पताल से पूछ लें, पलंग मिलेगा या नहीं

यूनिट में 50 तक पलंग, भर्ती हो रहे 80 से 100 मरीज

2 min read
May 15, 2018

जयपुर . एसएमएस अस्पताल में कई विभागों की यूनिट में पलंग 50 तक ही हैं, लेकिन कई बार 80-100 मरीज भर्ती होते हैं। ऐसे में 30-40 मरीजों को पलंग नहीं मिल पाते। उपचार या तो जमीन पर मिलता है या एक ही पलंग पर दो मरीज रहते हैं। हर यूनिट की पलंग क्षमता अलग है, लेकिन अस्पताल के हालात कुछ इसी तरह हैं। भर्ती वाले दिन भर्ती वाले दिन कई बार 80 से 100 मरीज तक भर्ती हो जाते हैं। जबकि उन यूनिटों के पास पलंग ही औसतन अधिकतम 50 तक ही होते हैं। पलंग की समस्या के चलते कई बार मरीजों को यहां आते ही पलंग नहीं मिल पाता।

यूनिट में 50 तक पलंग, भर्ती हो रहे 80 से 100 मरीज

परेशान करने वाले नजारे आम

पलंग मिला, अगले दिन भगाया

पिछले दिनों एसएमएस में देर रात एक मरीज को भर्ती कर लिया गया। रात को उसे तत्काल पलंग नहीं मिल पाया। उसने सिफारिश कर पलंग पाया, लेकिन अगले ही दिन उसे पलंग से हटाने के आदेश दे दिए गए। हतप्रभ मरीज फिर से सिफारिश का जुगाड़ करने लगा।

पलंग खाली, फिर भी अनुपलब्धता

कई बार मरीज भर्ती किसी यूनिट में होता है, लेकिन उस समय उस यूनिट का कोई पलंग खाली नहीं होता। जबकि उसी वार्ड में दूसरी यूनिट का पलंग खाली होता है। ऐसे समय में जब मरीज को पलंग की अनुपलब्धता बताकर इनकार किया जाता है।

मिले खराब हालात

मंगलवार को भी यहां के विभिन्न वार्डों का जायजा लिया तो हालात ज्यादा अच्छे नजर नहीं आए। मरीज इतनी तादाद में थे कि अस्पताल और मेडिकल कॉलेज प्रशासन इंतजाम कर ही नहीं पा रहे। कुछ जगह तो भर्ती क्षमता के मुकाबले दोगुने मरीज भर्ती किए जा रहे हैं।

जल्द बनेगा 60 पलंग का वार्ड

एसएमएस अस्पताल के कार्डियोलोजी विभाग में पलंगों की भारी कमी का मामला सामने आने के बाद सोमवार को चिकित्सा शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों ने अस्पताल के सभी सुपर स्पेशियलिटी विभागों के विभागाध्यक्षों को आरएमआरएस की मीटिंग में बुलाया। जिसमे पलंगों की आवश्यकता की जानकारी मांगी। मेडिकल कॉलेज प्राचार्य डॉ.यू.एस.अग्रवाल ने बताया कि कार्डियोलोजी विभाग के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं। अन्य विभागों में भी जरूरत होगी तो इंतजाम किए जाएंगे। कार्डियोलोजी विभाग के मरीजों को राहत देन के लिए पूर्व में ही मेडिकल कॉलेज की ओर से अस्पताल प्रशासन को 60 बेड का नया वार्ड बनाने का प्रस्ताव भेजा हुआ है। उसकी प्रक्रिया को आगे बढ़ाकर उसे इसी साल के बजट में बनाया जाएगा। उन्होंने बताया कि यह वार्ड बांगड़ में छत के एक खाली हिस्से में बनाया जाएगा।

ये भी पढ़ें

शहर में हुआ ये दर्दनाक हादसा, ट्रेन की चपेट में आ कर युवक गवा बैठा अपनी जान
Published on:
15 May 2018 02:33 pm
Also Read
View All