जयपुर

Indian Army : क्यों कहा जाता है भारतीय सेना को ‘सप्त शक्ति’? जानिए सातों कमांड की शक्ति

Sapt Shakti Command : उत्तरी, पश्चिमी, दक्षिणी, पूर्वी, मध्य, दक्षिण पश्चिमी और सेना प्रशिक्षण कमान। सभी कमांड की विशिष्ट ज़िम्मेदारियाँ और संचालन क्षेत्र हैं। इसीलिए भारत की इस सेना कमांड को सप्त शक्ति कमांड कहा जाता है।
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Updated: 15 Apr 2025, 10:00 AM IST
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Army Foundation Day : जयपुर। दक्षिणी पश्चिमी कमांड के 21वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन भव्य रूप में किया गया, जिसमें राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने भारतीय सेना के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि हमारे सैनिक देश की सीमाओं पर पूरी निष्ठा, समर्पण और त्याग भावना के साथ कार्य करते हैं। उन्होंने भारतीय सेना की सात कमांडों को "सप्त शक्ति" की उपमा दी और कहा कि ये कमांड देश की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

समारोह में बलिदानी सैनिकों को श्रद्धांजलि भी अर्पित की गई। राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने सोमवार को दक्षिणी पश्चिमी कमांड के 21 वें स्थापना दिवस समारोह में भाग लिया। उन्होंने इस दौरान इस कमांड द्वारा किए जा रहे देश की सुरक्षा के लिए सेन्य कार्यों की सराहना की तथा कहा कि सीमाओं पर सैनिक मां भारती के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य करते हैं।

राज्यपाल बागडे ने कहा कि भारतीय सेना सात कमांडों में विभाजित है। उत्तरी, पश्चिमी, दक्षिणी, पूर्वी, मध्य, दक्षिण पश्चिमी और सेना प्रशिक्षण कमान। सभी कमांड की विशिष्ट ज़िम्मेदारियाँ और संचालन क्षेत्र हैं। इसीलिए भारत की इस सेना कमांड को सप्त शक्ति कमांड कहा जाता है। उन्होंने कहा कि सेना के कमांडों अपने लिए नहीं देश के लिए लड़ते हैं। सैनिक हमारे देश की सीमाओं के सजग प्रहरी ही नहीं हैं, वे त्याग और समर्पण के भी प्रतीक हैं।

Updated on:
15 Apr 2025, 10:00 AM IST
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