
जयपुर। दक्षिण पश्चिम रेलवे ने महलिा दिवस के उपलक्ष्य में हुब्बल्ली से कारटगी तक विशेष ट्रन चलाई। इस ट्रेन को महिला कर्मचारी ने ही हरी झंड़ी दिखाई। इस ट्रेन में लोको पाइट, टीटी, आरपीएफ समेत सभी महिला कर्मचारी ही थी। महिला दिवस के उपलक्ष्य में रवाना हुई विशेष ट्रेन में महिलाओं का ही दबदबा रहा।
अंबिका अंकलगी ने बतौर लोको पायलट ट्रेन चलाई। महिला दिवस विशेष ट्रेन में 14 महिला कर्मचारी कार्यरत थीं। दक्षिण पश्चिम रेलवे (दपरे) महाप्रबंधक संजीव किशोर ने महिला दिवस की बधाई दी।
लोको पायलट अंबिका अंकलगी ने कहा कि यह एक अनोखा अनुभव है। रेल विभाग में बहुत सारी महिलाएं कार्यरत हैं। अधिकतर क्षेत्रों में ऐसे महत्वपूर्ण जगहों पर कार्य करने का मौका नहीं रहता परन्तु पूरी ट्रेन के लिए महिलाएं ही बतौर कर्मचारी कार्य करना अच्छा लग रहा है। महिला दिवस के उपलक्ष्य में इस प्रकार का मौका देने के लिए रेल विभाग का धन्यवाद।
एएसआई संतोषी अय्यम्मा ने कहा कि महिला को चार दीवारी तक सीमित माना जाता है। एक दौर था कि महिलाओं का जो भी कार्य हो वह चार दीवारी के बीच हुआ करता था परन्तु अब दौर बदल गया है। महिलाएं भी सभी क्षेत्रों में कार्य कर सकती हैं इसे हमने साबित करके दिखाया है।
टीटी सुमलता ने कहा कि इस ट्रेन में टीटी, आरपीएफ कर्मी समेत सभी महिलाएं ही हैं। दपरे अधिकारियों ने हमें ऐसा एक मौका दिया है। इसे सफलतार्पूक निभाएंगी।
दपरे महाप्रबंधक संजीव किशोर ने कहा कि पूरे कर्मचारियों की तुलना करने पर पुरुषों से महिला कर्मचारी अधिक होंगी परन्तु इनमें प्रतिभावान हैं। इन्हें भी मौका देने की खातिर पूरी तरह ट्रेन में महिला कर्मचारियों को ही तैनात किया है। महिला दिवस के उपलक्ष्य में विशेष ट्रेन चलाई है।
इस असर पर दपरे महिला कल्याण संघ की अध्यक्ष डॉ. वंदना श्रीवास्तव, एजीएम पीके मिश्रा, हुब्बल्ली मंडल प्रबंधक अरविंद मालखेडे, अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक (संचालन) विश्वास कुमार, अतिरिक्त मंडल रेल प्रबंधक (सामान्य) संतोष कुमार वर्मा, वरिष्ठ मंडल श्रमिक अधिकारी के. आसिफ हफीज, मंडल वित्तीय प्रबंधक हेरियेथा एस., मुख्य सार्वजनिक संपर्क अधिकारी अनीश हेगडे समेत सभी विभागों के प्रमुख, अधिकारी तथा कर्मचारी उपस्थित थे।