जयपुर

Monsoon Update: अल-नीनो बन रहा​ विलेन, राजस्थान में मानसून सीजन में सामान्य से कम बारिश की आशंका

Southwest Monsoon: देश के अधिकांश राज्यों में मानसून सक्रिय है और राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में फिलहाल झमाझम बारिश का दौर इन दिनों चल रहा है। वहीं आगामी दिनों में मौसम तंत्र सुस्त पड़ने पर राजस्थान और आसपास के राज्यों में बारिश की गतिविधियां भी धीमी पड़ने की आशंका है।
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Jul 09, 2026
Southwest Monsoon 2026,Rajasthan
पूर्वोत्तर राजस्थान में मानसून सक्रिय, पत्रिका फोटो

Southwest Monsoon Rajasthan: देश के अधिकांश राज्यों में मानसून सक्रिय है और राजधानी दिल्ली समेत कई राज्यों में फिलहाल झमाझम बारिश का दौर इन दिनों चल रहा है। आगामी दिनों में मौसम तंत्र सुस्त पड़ने पर राजस्थान और आसपास के राज्यों में बारिश की गतिविधियां भी धीमी पड़ने की आशंका है। मौसम केंद्र दिल्ली ने मानसून को लेकर पूर्व में जारी बुलेटिन में इस बार सीजन में कई राज्यों में सामान्य या उससे कम बारिश होने का पूर्वानुमान जताया है। केंद्र ने इसके लिए अलनीनो के प्रभाव को मुख्य कारण बताया है।

देरी से आया और अब सुस्त मानसून

राजस्थान में इस बार दक्षिण पश्चिमी मानसून की तय वक्त से सप्ताहभर देरी से एंट्री हुई। हालांकि प्रदेश के पूर्वोत्तर इलाकों में मानसूनी मेघ जमकर बरसे लेकिन अब बारिश की गतिविधियां सुस्त पड़ने पर फिर से सुहाने मौसम की जगह गर्मी ने ले ली है। बीते दो तीन वर्ष से राजस्थान में मानसून सीजन में जमकर बारिश हुई, लेकिन इस साल बारिश कम होने के संकेत सामने आए हैं। मौसम विज्ञानियों के अनुसार जुलाई में अलनीनो का प्रभाव प्रदेश में मानसून सीजन दिखाई भी पड़ने लगा है।

2025 में जमकर बरसे मेघ

बीते वर्ष भी मानसून की प्रदेश में एंट्री तय वक्त से पहले हुई थी और सीजन में औसत से ज्यादा बारिश भी दर्ज की गई। राजस्थान में 1971-2020 की अवधि के आंकड़ों के आधार पर मानसून का एलपीए सामान्यतः 435.6 मिमी से लेकर 500 मिमी के आसपास माना जाता है।

राजस्थान में पिछले 5 वर्षों में मानसून की एंट्री

2026: 2 जुलाई को हुई मानसून की एंट्री
2025: मानसून 18 जून को तय समय से पहले सक्रिय हुआ।
2024: मानसून ने 25 जून के आसपास सामान्य समय पर दस्तक दी।
2023: 25 जून को मानसून ने राज्य में प्रवेश किया।
2022: मानसून के आने में थोड़ी देरी हुई और यह 30 जून को पहुंचा।

अलनीनो बन रहा बड़ी बाधा

आइएमडी ने इस वर्ष राजस्थान में कम बारिश की आशंका को लेकर अल नीनो इफेक्ट को जिम्मेदार माना है। जिसके कारण मौसम में गर्माहट बढ़ने और कम बारिश होने की आशंका है। आइएमडी के अनुसार जुलाई माह से दक्षिण-पश्चिम मानसून के दौरान अला नीनो की मजबूत स्थितियां बनने के आसार हैं। इसी के कारण कमजोर मानसून की आशंका ज्यादा है।
मौसम विज्ञान विभाग (आइएमडी) के प्रमुख मृत्युंजया मोहपात्र के अनुसार जून से सितंबर के बीच होने वाली कुल मानसूनी बारिश दीर्घकालीन औसत (एलपीए) का करीब 92 प्रतिशत यानी सामान्य से कम रहने का अनुमान है। एलपीए के 90-95% के बीच वर्षा को सामान्य से कम माना जाता है।

विदाई से पहले तेज बारिश के संकेत

मौसम केंद्र जयपुर से मिली जानकारी के अनुसार, राजस्थान में इस बार जुलाई के अलावा अगस्त माह में भी मानसून सुस्त रहने की आशंका है। हालांकि मौसम विज्ञानियों ने प्रदेश से विदा लेने से पहले सितंबर माह में मानसूनी गतिविधियां बढ़ने और कई इलाकों में भारी से अतिभारी बारिश होने की संभावना है।


Updated on:
09 Jul 2026 06:38 pm
Published on:
09 Jul 2026 06:38 pm