
देवली. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण टोंक की ओर से पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के विरुद्ध यौन उत्पीड़न एवं विधिक संरक्षण विषय पर जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश दिनेश कुमार जलुथरिया ने की।
सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा नहीं करने को कहा
जलुथरिया ने कहा कि यौन उत्पीड़न केवल आपराधिक कृत्य नहीं, बल्कि विद्यार्थी की गरिमा, आत्मसम्मान, मानसिक स्वास्थ्य और शिक्षा के अधिकार पर सीधा हमला है। प्रत्येक छात्र-छात्रा को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने का अधिकार है।
उन्होंने संविधान के अनुच्छेद का उल्लेख करते हुए गरिमापूर्ण जीवन, समान संरक्षण और निःशुल्क विधिक सहायता के अधिकारों की जानकारी दी। साथ ही पॉक्सो अधिनियम-2012 एवं कार्यस्थल पर महिलाओं के यौन उत्पीड़न (पॉश) अधिनियम-2013 के प्रावधानों से अवगत कराते हुए बताया कि अनुचित स्पर्श, अश्लील टिप्पणी, आपत्तिजनक संदेश भेजना, सोशल मीडिया पर उत्पीड़न तथा निजी फोटो-वीडियो साझा करना दंडनीय अपराध हैं।
उन्होंने विद्यार्थियों से किसी भी प्रकार के असहज व्यवहार का तत्काल विरोध करने, सुरक्षित स्थान पर जाने तथा माता-पिता, शिक्षक या प्रशासन को सूचना देने का आह्वान किया। साथ ही सोशल मीडिया पर निजी जानकारी साझा नहीं करने और किसी भी प्रकार की धमकी या ब्लैकमेल की शिकायत तुरंत करने की सलाह दी।
कार्यक्रम में गरिमा पेटिका भी खोली गई, जिसमें विद्यार्थियों द्वारा रखी गई समस्याओं का मौके पर समाधान किया गया। साथ ही बाल विवाह, नशामुक्ति एवं अन्याय के विरुद्ध आवाज उठाने का संदेश दिया गया। इस अवसर पर तालुका सचिव विजय गौड़ एवं पीएलवी भगवान कंवर भी उपस्थित रहे।