Real Life Motivational Story: 12 साल के दिवम सारस्वत ने साबित कर दिया है कि उम्र महज एक संख्या है जब बात सपनों को साकार करने की हो।
Strangers From The Stars's Author Divam Saraswat Of Jaipur: आज के ज्यादातर बच्चे मोबाइल और वीडियो गेम्स की दुनिया में उलझे है, ऐसे में जयपुर के मानसरोवर एक्सटेंशन निवासी 12 वर्षीय दिवम सारस्वत ने लेखन को अपनी पहचान बना लिया है।
महज 12 साल की उम्र में दिवम ने अपना पहला साइंस-फिक्शन उपन्यास 'स्ट्रेजर फ्रॉम द स्टार' लिखकर यह साबित कर दिया कि अगर कल्पनाशक्ति को दिशा मिले, तो उम्र कभी बाधा नहीं बनती।
दिवम कक्षा 7 के छात्र है और उन्हें पढ़ने और लिखने का गहरा शौक रहा है। वे बताते हैं कि उन्होंने करीब 10 साल की उम्र में स्कूल की कॉपियों में छोटी-छोटी कहानियां और कविताएं लिखनी शुरू की थीं। धीरे-धीरे यही शौक एक बड़े सपने में बदल गया।
उनका पहला उपन्यास 'स्ट्रेंजर फ्रॉम द स्टार' साइंस फिक्शन, रोमांच और रहस्य का अनोखा संगम है। इस उपन्यास को लिखने में करीब एक साल का समय लगा। दिवम का सपना है कि वे भविष्य में एक सफल लेखक बने और युवाओं को पढ़ने के लिए प्रेरित करें।
वे चाहते है कि उनकी कहानियां साइंस, नवाचार और कल्पनाशक्ति को बढ़ावा दें। दिवम का कहना है कि भविष्य में उनके उपन्यास पर फिल्म बनती है तो उन्हें अच्छा लगेगा।
लेखन यात्रा के पीछे परिवार की अहम भूमिका रही है। वे बताते हैं कि उनकी नानी ने नर्सरी क्लास से ही उन्हें किताबें पढ़ने के लिए प्रेरित किया।
वहीं उनके पिता स्वयं कविताएं लिखते हैं, जिससे घर का माहौल हमेशा रचनात्मक रहा। नानी की कहानियों ने मेरी कल्पनाशक्ति को उड़ान दी और पापा ने लिखना सिखाया। वही मेरे सबसे बड़े प्रेरणास्रोत हैं।