
बारिश के दौरान की तस्वीर (फाइल फोटो-पत्रिका)
जयपुर। राजस्थान में मानसून धीरे-धीरे सक्रिय होने लगा है और आगामी दिनों में बारिश की गतिविधियों में और बढ़ोतरी के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विज्ञान केंद्र जयपुर के अनुसार पिछले 24 घंटों में प्रदेश के कई हिस्सों में मेघगर्जन के साथ हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। सर्वाधिक 35 मिलीमीटर बारिश तिजारा (अलवर) में रिकॉर्ड की गई, जबकि झुंझुनूं में 18 मिमी, लूणकरणसर में 12.5 मिमी, चूरू में 8.4 मिमी और अलवर में 4 मिमी वर्षा दर्ज हुई।
मौसम विभाग के अनुसार परिसंचरण तंत्र के प्रभाव से अगले 24 घंटों के दौरान जयपुर, भरतपुर, अजमेर, कोटा और बीकानेर संभाग के कुछ भागों में मेघगर्जन, वज्रपात और 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। 25 से 27 जून के बीच भी पूर्वी राजस्थान के कई क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
श्रीगंगानगर जिले में दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली और कई क्षेत्रों में तेज हवा के साथ अच्छी बारिश हुई। सूरतगढ़, केसरीसिंहपुर, घड़साना सहित विभिन्न स्थानों पर मेघ जमकर बरसे, जिससे लोगों को गर्मी से राहत मिली। सूरतगढ़ क्षेत्र के बीरमाना गांव में सर्वाधिक वर्षा दर्ज की गई। बारिश के चलते सड़कों पर पानी भर गया और मौसम सुहावना हो गया। किसानों ने भी इस बारिश को खरीफ फसलों की तैयारी के लिए लाभदायक बताया। वहीं कुछ निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली।
बारिश की गतिविधियों के बावजूद पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का असर बना हुआ है। बाड़मेर, जैसलमेर और बीकानेर में अधिकतम तापमान 40.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके अलावा श्रीगंगानगर 42.5 डिग्री और फलौदी 42 डिग्री के साथ प्रदेश के सबसे गर्म इलाकों में शामिल रहे। चित्तौड़गढ़ में तापमान 40.2 डिग्री और जोधपुर शहर में 39.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
राजधानी जयपुर में अधिकतम तापमान 38.9 डिग्री सेल्सियस रहा, जो सामान्य के बराबर है। वहीं न्यूनतम तापमान 27.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। नागौर में रात का तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस रहा, जो प्रदेश में सबसे अधिक रहा। दूसरी ओर सिरोही में न्यूनतम तापमान 22.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज होने से वहां अपेक्षाकृत राहत रही।
मौसम वैज्ञानिकों का मानना है कि पूर्वी एवं मध्य भारत में मानसून की सक्रियता बढ़ने के साथ राजस्थान में भी इसका प्रभाव दिखाई देने लगा है। जून के अंतिम सप्ताह में पूर्वी राजस्थान में बारिश की गतिविधियां और बढ़ेंगी, जबकि जुलाई के पहले सप्ताह में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मानसून पूरी तरह सक्रिय होने की प्रबल संभावना है।
Updated on:
24 Jun 2026, 8:12 PM IST
Published on:
24 Jun 2026, 8:12 PM IST
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