श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करने के बाद दोनों शूटर सुजानगढ़ पहुंचकर वहां से दिल्ली जाने वाली बस में निकल गए थे। दोनों शूटरों की अंतिम लोकेशन हरियाणा के रेवाड़ी में मिली।
Sukhdev Singh Gogamedi Murder Case: श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या करने के बाद दोनों शूटर सुजानगढ़ पहुंचकर वहां से दिल्ली जाने वाली बस में निकल गए थे। दोनों शूटरों की अंतिम लोकेशन हरियाणा के रेवाड़ी में मिली। इसके बाद उनकी लोकेशन का पता नहीं चल सका। शूटरों के रेवाड़ी से गाजियाबाद पहुंचने की भी आशंका जताई गई है। इसके चलते रेवाड़ी और गाजियाबाद में शूटर रोहित राठौड़ व नितिन फौजी की सघन तलाश की जा रही है। हरियाणा, दिल्ली व एनसीआर क्षेत्र में नितिन फौजी के अधिक संपर्क सूत्र हैं। पुलिस उसके सभी संपर्क सूत्रों को पकडऩे का प्रयास भी कर रही है। शूटर नितिन फौजी ने जयपुर में भी अपने साथी बना रखे हैं, जिनसे भी पुलिस पूछताछ कर रही है। दोनों शूटरों पर 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित किया गया है। एडीजी क्राइम दिनेश एमएन और जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ के नेतृत्व में पुलिस टीम तलाश में जुटी है।
ये कर रहे तलाश
वैशाली नगर स्थित चांद विहारी नगर निवासी शूटर रोहित राठौड़ व हरियाणा के महेन्द्रगढ़ निवासी शूटर नितिन फौजी की तलाश में राजस्थान पुलिस मुख्यालय की क्राइम ब्रांच, राजस्थान एटीएस-एसओजी, जयपुर कमिश्नरेट की क्राइम ब्रांच, डीसीपी साउथ की जिला स्पेशल टीम के साथ अन्य कई पुलिस अफसर, राजस्थान के कई जिलों की पुलिस, हरियाणा एसटीएफ व सीआईए, दिल्ली क्राइम ब्रांच व पंजाब की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स तलाश में जुटी है। राजस्थान पुलिस ने दिल्ली, पंजाब व हरियाणा पुलिस से सहयोग मांगा है।
रेड कॉर्नर नोटिस भी जारी करवा रखा
जयपुर में जी-क्लब पर अंधाधुंध फायरिंग करवाने के साथ गैंगस्टर रोहित गोदारा ने कई रसूखदारों को रंगदारी के लिए धमकाया था। इसके बाद कमिश्नरेट पुलिस ने राजस्थान पुलिस मुख्यालय के जरिए गैंगस्टर रोहित गोदारा को पकडऩे के लिए रेड कॉर्नर नोटिस जारी करवाया था। इसके बाद भी आरोपी नहीं पकड़ में आ सका।
चीनू ने वीडियो जारी कर कहा, हत्या में मेरा हाथ नहीं
आनंदपाल की बेटी चीनू ने शुक्रवार को सोशल मीडिया पर खुद का एक वीडियो जारी किया। वह कह रही है कि सुखदेव सिंह गोगामेड़ी की हत्या में उसका कोई हाथ नहीं है। सुखदेव सिंह उनके पारिवारिक सदस्य की तरह थे और उनके पिता को न्याय दिलाने में उनका बहुत बड़ा योगदान रहा है। प्रशासनिक अधिकारी मेरे खिलाफ गलत बयानबाजी कर रहे हैं।