जयपुर

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल लैक्चर भर्ती 2015 को लेकर दिए ये आदेश, 13 हजार पदों पर भर्ती को लेकर है मामला

सुप्रीम कोर्ट ने स्कूल लैक्चर भर्ती 2015 को लेकर दिए ये आदेश, 13 हजार पदों पर भर्ती को लेकर है मामला  

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May 07, 2018
mp highcourt latest news

जयपुर।

सुप्रीम कोर्ट ने आरपीएससी को स्कूल लैक्चरर भर्ती 2015 में पहले चयनित हो चुके उम्मीदवारों को छोड़कर परिणाम संशोधित करने के आदेश दिए हैं। अदालत के आदेश के अनुसार पहले चयनित या नियुक्त हो चुके उम्मीदवारों के साथ कोई छेड़छाड़ किए बिना ही पूरा परिणाम संशोधित किया जाएगा।

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अदालत ने प्रत्येक श्रेणी के आखिरी चयनित उम्मीदवार की कट-ऑफ जारी करने,संशोधित परिणाम के अनुसार कट-ऑफ के बराबर या ज्यादा नंबर वालों को शेष बचे 1045 पदों पर नियुक्ति देने और पूरी कवायद तीन महीने में पूरी करने के निर्देश दिए हैं। न्यायाधीश ए.के.सिकरी और न्यायाधीश अशोक भूषण ने यह आदेश रिशल व अन्य की अपीलों का निपटारा करते हुए दिए।


यह है मामला-

आरपीएससी ने 2015 में स्कूल लैक्चर 13 हजार पदों पर भर्ती निकाली और 17 जुलाई,2016 को दो पेपर की परीक्षा ली गई। 12 अगस्त,2016 को परिणाम और उत्तर कुंजी जारी कर आपत्तियां मांगी। कई उम्मीदवारों ने अलग-अलग विषयों से संबंधित आपत्तियां दर्ज करवाईं। 22 सितंबर,2016 को आरपीएससी ने फाइनल उत्तर कुंजी के साथ परिणाम जारी किए। कई उम्मीदवारों ने गलत उत्तरों को लेकर याचिकाएं दायर कीं। एकलपीठ ने संशोधित उत्तर कुंजी व एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट अपलोड करने के निर्देश देकर याचिकाओं का निपटारा कर दिया।

आरपीएससी ने इस आदेश की पालना में फाईनल उत्तर कुंजी प्रकाशित की और पेपर-प्रथम के 18 प्रश्न हटा दिए। इसके बाद फिर से याचिकाएं दायर हुईं,लेकिन जोधपुर मुख्य पीठ ने एक्सपर्ट कमेटी की रिपोर्ट को सही मानकर याचिकाएं खारिज कर दीं। एकलपीठ के आदेश को खंडपीठ ने भी बहाल रखा। जयपुर में याचिकाएं और अपील खारिज हो गईं। इस पर सुप्रीम कोर्ट में एसएलपी दायर की गईं थीं। सुप्रीम कोर्ट ने हटाए गए प्रश्नों के नंबर सभी उम्मीदवारों में समान रुप से बांटने के आरपीएससी और हाईकोर्ट के फैसले को सही ठहराया है। अदालत ने कहा है मामले में उम्मीदवारों की नहीं बल्कि आरपीएससी की गलती है। इसलिए परीक्षा में शामिल होकर सही जवाब देने वाले सभी उम्मीदवारों को इसका लाभ मिलना ही चाहिए भले ही वह अदालत में आए हों या नहीं।

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Published on:
07 May 2018 09:16 pm
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